{"_id":"62115c318708b9043715c1c5","slug":"now-arjan-navis-on-the-radar-of-the-government-if-a-mistake-is-found-a-case-will-be-registered-panchkula-news-pkl442543925","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सरकार के राडार पर आए अर्जन नवीस, गड़बड़ी मिली तो दर्ज होगा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब सरकार के राडार पर आए अर्जन नवीस, गड़बड़ी मिली तो दर्ज होगा केस
विज्ञापन
चंडीगढ़। हरियाणा की तहसीलों में हुए फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क और पटवारियों को नोटिस जारी करने के बाद अब अर्जन नवीस (डीड राइटर) भी सरकार के रडार पर आ गए हैं। सरकार ने फैसला लिया है कि गड़बड़ी के मामलों में जिस भी अर्जन नवीस की मिलीभगत होगी, उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
प्रदेश में पिछले 4 साल में हुए 58 हजार रजिस्ट्रियां नियमों के खिलाफ हुई हैं। मंडलायुक्तों की रिपोर्ट के आधार पर राजस्व विभाग के पटवारी से लेकर तहसीलदार तक को चार्जशीट कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। अहम बात ये है कि फर्जी रजिस्ट्रियों के मामले में हुई किसी भी मंडलायुक्त की रिपोर्ट में अर्जन नवीस का जिक्र तक नहीं है। जबकि विभाग के पास काफी संख्या में अर्जन नवीसों की शिकायतें आई हैं। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इन रजिस्ट्र्रियों में दस्तावेज लेखक भी शामिल हैं। अब विभाग दस्तावेज लेखकों की जांच कराने की तैयारी में है कि इन 58 हजार रजिस्ट्रियों में कहा-कहां अर्जन नवीस की मिलीभगत है। इसलिए राजस्व विभाग ने फैसला लिया है कि अगर किसी भी रजिस्ट्री में अर्जन नवीस की मिलीभगत पाई गई तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
हिसार मंडल की रिपोर्ट के बाद बढ़ेगी कर्मचारियों की संख्या
अभी तक करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और अंबाला मंडल की रिपोर्ट आ चुकी हैं। हिसार मंडल की रिपोर्ट आना शेष है। इसमें फतेहाबाद, जींद, हिसार और सिरसा जिले आते हैं। इन 4 जिलों की रिपोर्ट आने के बाद ही गलत रजिस्ट्रियों और जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों की कुल संख्या मिल सकेगी। अभी तक 400 से अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 125 तहसीलदार, 98 नायब तहसीलदार, 96 रजिस्ट्री क्लर्क और 176 पटवारी शामिल हैं। पटवारी और रजिस्ट्री क्लकों की कुछ जिलों की रिपोर्ट पेंडिंग है, यह रिपोर्ट आने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।
विज्ञापन
कोट (फोटो)
पटवारी से लेकर तहसीलदार तक सरकारी कर्मचारी हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जहां तक अर्जन नवीस की बात है तो ये सरकारी कर्मचारी नहीं, केवल सिस्टम का हिस्सा हैं। इसलिए किसी भी रजिस्ट्री में उनकी भूमिका गलत मिली तो उनके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को भ्रष्टाचार रहित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। गलत करने वाले को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। किसी के साथ नाजायज नहीं होगा, न ही विभाग में नाजायज काम होने दिया जाएगा।
- पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।
विज्ञापन
प्रदेश में पिछले 4 साल में हुए 58 हजार रजिस्ट्रियां नियमों के खिलाफ हुई हैं। मंडलायुक्तों की रिपोर्ट के आधार पर राजस्व विभाग के पटवारी से लेकर तहसीलदार तक को चार्जशीट कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। अहम बात ये है कि फर्जी रजिस्ट्रियों के मामले में हुई किसी भी मंडलायुक्त की रिपोर्ट में अर्जन नवीस का जिक्र तक नहीं है। जबकि विभाग के पास काफी संख्या में अर्जन नवीसों की शिकायतें आई हैं। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इन रजिस्ट्र्रियों में दस्तावेज लेखक भी शामिल हैं। अब विभाग दस्तावेज लेखकों की जांच कराने की तैयारी में है कि इन 58 हजार रजिस्ट्रियों में कहा-कहां अर्जन नवीस की मिलीभगत है। इसलिए राजस्व विभाग ने फैसला लिया है कि अगर किसी भी रजिस्ट्री में अर्जन नवीस की मिलीभगत पाई गई तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
हिसार मंडल की रिपोर्ट के बाद बढ़ेगी कर्मचारियों की संख्या
अभी तक करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और अंबाला मंडल की रिपोर्ट आ चुकी हैं। हिसार मंडल की रिपोर्ट आना शेष है। इसमें फतेहाबाद, जींद, हिसार और सिरसा जिले आते हैं। इन 4 जिलों की रिपोर्ट आने के बाद ही गलत रजिस्ट्रियों और जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों की कुल संख्या मिल सकेगी। अभी तक 400 से अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 125 तहसीलदार, 98 नायब तहसीलदार, 96 रजिस्ट्री क्लर्क और 176 पटवारी शामिल हैं। पटवारी और रजिस्ट्री क्लकों की कुछ जिलों की रिपोर्ट पेंडिंग है, यह रिपोर्ट आने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।
विज्ञापन
कोट (फोटो)
पटवारी से लेकर तहसीलदार तक सरकारी कर्मचारी हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जहां तक अर्जन नवीस की बात है तो ये सरकारी कर्मचारी नहीं, केवल सिस्टम का हिस्सा हैं। इसलिए किसी भी रजिस्ट्री में उनकी भूमिका गलत मिली तो उनके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को भ्रष्टाचार रहित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। गलत करने वाले को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। किसी के साथ नाजायज नहीं होगा, न ही विभाग में नाजायज काम होने दिया जाएगा।
- पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।