{"_id":"60e4b4598ebc3e9e93194aac","slug":"now-all-distilleries-and-bottling-plants-will-be-under-third-eye-from-the-headquarters-panchkula-news-pkl4192004112","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मुख्यालय से तीसरी आंख की जद में होंगी डिस्टलरी और बाटलिंग प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मुख्यालय से तीसरी आंख की जद में होंगी डिस्टलरी और बाटलिंग प्लांट
विज्ञापन
चंडीगढ़। बिना टैक्स दिए शराब बेचने और राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि डिस्टिलरी, ब्रेवरीज और बॉटलिंग प्लांट को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा जाएगा। इसके लिए पंचकूला स्थित हेड-आफिस में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जा रहा है। इसके बाद मुख्यालय के अधिकारी किसी भी बाटलिंग प्लांट समेत अन्य फैक्टरी में होने वाली गतिविधियों को यहीं से देख सकेंगे।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इसके लिए सभी तैयारी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन करने के कुल 90 मामले दर्ज किए गए और 63 करोड़ 15 लाख 17,600 का जुर्माना लगाया है। इनमें से 6 करोड़ 56 लाख 59,853 रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, पहली तिमाही में 28 प्रतिशत अधिक कलेक्शन
वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही (अप्रैल से जून 2021) में जहां आबकारी विभाग से 1751.04 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं पिछले वर्ष इसी तिमाही के दौरान 1370.86 करोड़ एकत्रित किए गए थे। ऐसे में करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी वर्ष जून माह के दौरान विभाग ने 1004.70 करोड़ का संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष जून के महीने में केवल 586.32 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। इस प्रकार से पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के जून महीने में 71.36 प्रतिशत की राजस्व में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां लाइसेंस शुल्क के रूप में करीब 2910 करोड़ रुपये का राजस्व प्रदेश को मिला था। इस वर्ष खुदरा शराब ठेकों के कुल 1004 जोन में लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया है जिससे विभाग को 3201.46 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
विज्ञापन
159 जोन के ठेकों का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पाया
अभी तक 159 जोन के ठेकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। अब तक कुल 1123 जोन का आवंटन किया जा चुका है, जिसमें से इन आवंटित जोन के लिए वर्ष 2021-22 हेतु लगभग 3601 करोड़ की लाइसेंस फीस वसूल की जाएगी। राज्य में अब केवल 40 जोन बकाया हैं जिनके लिए 5 जुलाई को बोलियां आमंत्रित की गई। इन जोन के लिए आरक्षित मूल्य 251 करोड़ रखा गया। वहीं, हरियाणा राज्य में आयातित विदेशी शराब (बीआईओ) के थोक व्यापार के लिए 14 आवेदकों को ‘एल-वन बी.एफ’ लाइसेंस के लिए पात्र पाया गया है। राज्य सरकार ने बार-लाइसेंस के लिए फीस में करीब 8 प्रतिशत की छूट दी है। इस वर्ष बार-लाइसेंस धारकों को केवल 11 महीने की फीस अदा करनी होगी।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इसके लिए सभी तैयारी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन करने के कुल 90 मामले दर्ज किए गए और 63 करोड़ 15 लाख 17,600 का जुर्माना लगाया है। इनमें से 6 करोड़ 56 लाख 59,853 रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
विज्ञापन
आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, पहली तिमाही में 28 प्रतिशत अधिक कलेक्शन
वर्ष 2021-22 की प्रथम तिमाही (अप्रैल से जून 2021) में जहां आबकारी विभाग से 1751.04 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं पिछले वर्ष इसी तिमाही के दौरान 1370.86 करोड़ एकत्रित किए गए थे। ऐसे में करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी वर्ष जून माह के दौरान विभाग ने 1004.70 करोड़ का संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष जून के महीने में केवल 586.32 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। इस प्रकार से पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के जून महीने में 71.36 प्रतिशत की राजस्व में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां लाइसेंस शुल्क के रूप में करीब 2910 करोड़ रुपये का राजस्व प्रदेश को मिला था। इस वर्ष खुदरा शराब ठेकों के कुल 1004 जोन में लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया है जिससे विभाग को 3201.46 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
विज्ञापन
159 जोन के ठेकों का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो पाया
अभी तक 159 जोन के ठेकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। अब तक कुल 1123 जोन का आवंटन किया जा चुका है, जिसमें से इन आवंटित जोन के लिए वर्ष 2021-22 हेतु लगभग 3601 करोड़ की लाइसेंस फीस वसूल की जाएगी। राज्य में अब केवल 40 जोन बकाया हैं जिनके लिए 5 जुलाई को बोलियां आमंत्रित की गई। इन जोन के लिए आरक्षित मूल्य 251 करोड़ रखा गया। वहीं, हरियाणा राज्य में आयातित विदेशी शराब (बीआईओ) के थोक व्यापार के लिए 14 आवेदकों को ‘एल-वन बी.एफ’ लाइसेंस के लिए पात्र पाया गया है। राज्य सरकार ने बार-लाइसेंस के लिए फीस में करीब 8 प्रतिशत की छूट दी है। इस वर्ष बार-लाइसेंस धारकों को केवल 11 महीने की फीस अदा करनी होगी।