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पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कोई पॉलिसी नहीं

Fri, 01 Jul 2022 01:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 01:57 AM IST
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No policy for electric vehicles in Punjab
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन वीरवार को प्रश्नकाल के दौरान राज्य में चल रहे इलेक्ट्रिक वाहनों का मुद्दा उठा। विधायक अवतार सिंह जूनियर ने ट्रांसपोर्ट मंत्री से जानना चाहा कि क्या राज्य में किसी इलेक्ट्रिकल वाहनों संबंधी पॉलिसी को मंजूरी दी गई है? पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर क्या सरकार द्वारा कोई सब्सिडी दी जाती है? उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या भी जाननी चाही।
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ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने सदन में बताया कि राज्य में कुल 8297 रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक वाहन हैं लेकिन इस संबंध में अब तक सरकार ने कोई पॉलिसी नहीं बनाई है। पॉलिसी बनाने पर विचार किया जा रहा है। अवतार जूनियर ने पूरक प्रश्न करते हुए कहा कि गुजरात व कई अन्य राज्यों में इलेक्ट्रिकल वाहनों पर सब्सिडी दी जाती है, लेकिन पंजाब में नहीं? ट्रांसपोर्ट मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने इस पर कोई काम नहीं किया, जिसके चलते पॉलिसी नहीं बन सकी।
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सरपंचों की जगह प्रशासक
कांग्रेस विधायक अरुणा चौधरी ने सूबे की ग्राम पंचायतों के चुने हुए सरपंचों की जगह सरकार द्वारा प्रशासक लगाए जाने का मामला उठाया गया। उन्होंने पूछा कि पंजाब में ऐसी कितनी पंचायतें है, जहां सरकार ने चुने हुए सरपंचों की जगह प्रशासक नियुक्त किए हैं और यह कदम किन नियमों के तहत उठाया गया है? इसके जवाब में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब में कुल 188 पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। यह कदम तभी उठाया जाता है जब कोई चुना हुआ सरपंच भ्रष्टाचार या किसी अन्य मामले में फंस जाता है तो ग्राम पंचायत का कामकाज चलाने के लिए प्रशासक लगाया जाता है। पंजाब पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 200 (1) के तहत नियम उपबंधों के अनुसार प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।
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बुड्डा नाला संबंधी कमेटी को घग्गर का भी जिम्मा
विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली द्वारा अपने हलके सरदूलगढ़ में घग्गर दरिया में केमिकल व सीवरेज का पानी डालने का मुद्दा उठाते हुए प्रश्न किया गया कि घग्गर दरिया में गंदे पानी को रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री मीत हेयर ने कहा गया कि सरदूलगढ़ में किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा अपने गैर-संशोधित पानी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर घग्गर दरिया में नहीं डाला जाता। इस पर पूरक प्रश्न में बनावाली ने चार गांवों में घग्गर के प्रदूषण के कारण पैदा हो रहे संकट का हवाला देते हुए मांग की कि जिस तरह बुड्डा नाला के लिए सरकार ने कमेटी का गठन किया है, उसी तरह घग्गर दरिया के लिए भी कमेटी बनाई जाए, जो दरिया में प्रदूषण पर नजर रखे। मंत्री ने कहा कि बुड्डा नाला संबंधी कमेटी को ही घग्गर दरिया के बारे में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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