{"_id":"66b7d071ed347f357c0783a5","slug":"no-arrest-made-even-after-one-and-a-half-year-in-fraud-of-rs-7213-crore-by-opening-fake-account-pkl-office-news-c-87-1-spkl1036-114737-2024-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: फर्जी खाता खोलकर 72.13 करोड़ की धोखाधड़ी में डेढ़ साल बाद भी नहीं हुई कोई गिरफ्तारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: फर्जी खाता खोलकर 72.13 करोड़ की धोखाधड़ी में डेढ़ साल बाद भी नहीं हुई कोई गिरफ्तारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम से बैंक में फर्जी खाता खोलकर 72.13 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में डेढ़ साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धोखाधड़ी की एफआईआर सेक्टर-7 थाने में 7 मार्च 2023 को दर्ज की गई थी। कुछ समय बाद आगामी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी गई। अब इस मामले की जांच एसीबी कर रही है। इस मामले में आज तक किसी को गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में एसीबी के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। सेक्टर-7 थाने के एसएचओ अरुण बिश्नोई का कहना है कि एचएसवीपी के अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। संवाद
मार्च 2023 में फर्जीवाड़े का हुआ था खुलासा
मार्च 2023 में एचएसवीपी के अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया कि पंजाब नेशनल बैंक मनीमाजरा चंडीगढ़ में एचएसवीपी के बैंक खाते से 2015 से 2019 के दौरान कुछ अनुचित भुगतान किए गए हैं। मामले की जांच सीसीएफ, एचएसवीपी कार्यालय की कैश शाखा द्वारा की गई। तब पता चला कि एचएसवीपी का संबंधित खाता ही फर्जी है। आईटी विंग द्वारा बनाए गए एचएसवीपी के डेटाबेस की भी जांच की गई तो यह पता चला कि एचएसवीपी डेटाबेस से ऐसा कोई बैंक खाता नहीं खोला गया है।
30 मई 2015 को खोला गया था खाता
इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक से पूछताछ की गई तो वहां से पता चला कि उपरोक्त खाता उनकी शाखा में 30 मई 2015 को खोला गया था। खाता उस समय के अधिकारी, हुडा (मुख्यालय), पंचकूला के नाम से खोला गया था। बैंक शाखा से बैंक खाता खोलने वाले प्राधिकारी और इसके संचालन के तरीके के बारे में और जानकारी मांगी गई। इस संबंध में मुख्य प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक ने पत्र के माध्यम से अन्य विवरणों के साथ उपरोक्त बैंक खाते में हुए बैंक लेनदेन का विवरण प्रदान किया। बैंक ने आगे सूचित किया कि उपरोक्त बैंक खाते में लेनदेन एचएसवीपी के ईमेल से प्राप्त निर्देश के अनुसार किया गया था। इसके अलावा, उपरोक्त बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर जो दिया गया था वह तत्कालीन अधिकारी पाया गया था। कुछ विशेष पार्टियों के पक्ष में करीब 72 करोड़ 13 लाख 40 हजार 500 रुपये बार-बार जारी किए गए थे।
विज्ञापन
गबन में हैं काफी लोग शामिल
एचएसवीपी के रिकॉर्ड में उपरोक्त बैंक खाते से जारी भुगतानों का ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था। ई-मेल निर्देश के आधार पर बैंक ने लेनदेन किया है, वह भी एचएसवीपी में नहीं मिल पा रहा है। इन लेनदेन का भी एचएसवीपी की खाता पुस्तकों में हिसाब नहीं है। इस धोखाधड़ी/भ्रष्टाचार और गबन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने के लिए पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया था। इसमें भारी मात्रा में आम लोग शामिल हैं। आरोपी इसी तरह अन्य स्रोतों के माध्यम से और अधिक धोखाधड़ी कर सकते हैं।
विज्ञापन
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम से बैंक में फर्जी खाता खोलकर 72.13 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में डेढ़ साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। धोखाधड़ी की एफआईआर सेक्टर-7 थाने में 7 मार्च 2023 को दर्ज की गई थी। कुछ समय बाद आगामी जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी गई। अब इस मामले की जांच एसीबी कर रही है। इस मामले में आज तक किसी को गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में एसीबी के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। सेक्टर-7 थाने के एसएचओ अरुण बिश्नोई का कहना है कि एचएसवीपी के अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। संवाद
मार्च 2023 में फर्जीवाड़े का हुआ था खुलासा
मार्च 2023 में एचएसवीपी के अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया कि पंजाब नेशनल बैंक मनीमाजरा चंडीगढ़ में एचएसवीपी के बैंक खाते से 2015 से 2019 के दौरान कुछ अनुचित भुगतान किए गए हैं। मामले की जांच सीसीएफ, एचएसवीपी कार्यालय की कैश शाखा द्वारा की गई। तब पता चला कि एचएसवीपी का संबंधित खाता ही फर्जी है। आईटी विंग द्वारा बनाए गए एचएसवीपी के डेटाबेस की भी जांच की गई तो यह पता चला कि एचएसवीपी डेटाबेस से ऐसा कोई बैंक खाता नहीं खोला गया है।
विज्ञापन
30 मई 2015 को खोला गया था खाता
इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक से पूछताछ की गई तो वहां से पता चला कि उपरोक्त खाता उनकी शाखा में 30 मई 2015 को खोला गया था। खाता उस समय के अधिकारी, हुडा (मुख्यालय), पंचकूला के नाम से खोला गया था। बैंक शाखा से बैंक खाता खोलने वाले प्राधिकारी और इसके संचालन के तरीके के बारे में और जानकारी मांगी गई। इस संबंध में मुख्य प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक ने पत्र के माध्यम से अन्य विवरणों के साथ उपरोक्त बैंक खाते में हुए बैंक लेनदेन का विवरण प्रदान किया। बैंक ने आगे सूचित किया कि उपरोक्त बैंक खाते में लेनदेन एचएसवीपी के ईमेल से प्राप्त निर्देश के अनुसार किया गया था। इसके अलावा, उपरोक्त बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर जो दिया गया था वह तत्कालीन अधिकारी पाया गया था। कुछ विशेष पार्टियों के पक्ष में करीब 72 करोड़ 13 लाख 40 हजार 500 रुपये बार-बार जारी किए गए थे।
विज्ञापन
गबन में हैं काफी लोग शामिल
एचएसवीपी के रिकॉर्ड में उपरोक्त बैंक खाते से जारी भुगतानों का ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था। ई-मेल निर्देश के आधार पर बैंक ने लेनदेन किया है, वह भी एचएसवीपी में नहीं मिल पा रहा है। इन लेनदेन का भी एचएसवीपी की खाता पुस्तकों में हिसाब नहीं है। इस धोखाधड़ी/भ्रष्टाचार और गबन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने के लिए पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया था। इसमें भारी मात्रा में आम लोग शामिल हैं। आरोपी इसी तरह अन्य स्रोतों के माध्यम से और अधिक धोखाधड़ी कर सकते हैं।