{"_id":"68bb43a2632afe46c6053e92","slug":"nia-arrests-prime-accused-in-amritsar-temple-grenade-attack-from-bihar-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-811195-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले के मुख्य आरोपी को एनआईए ने बिहार से किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले के मुख्य आरोपी को एनआईए ने बिहार से किया गिरफ्तार
विज्ञापन
चंडीगढ़। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मार्च 2025 में हुए अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले के एक मुख्य वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी शरणजीत कुमार उर्फ सनी पंजाब के गुरदासपुर जिले का रहने वाला है।
एनआईए ने उसे बिहार के गया से शुक्रवार को पकड़ा। जांच में सामने आया है कि शरणजीत हमले की साजिश और उसके क्रियान्वयन में सक्रिय रूप से शामिल था। यह हमला 15 मार्च तड़के हुआ था जिसमें दो बाइक सवार हमलावरों गुरसिदाक सिंह और विशाल गिल ने अंजाम दिया था। दोनों विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे।
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि हैंडलर्स का नेटवर्क यूरोप, अमेरिका और कनाडा तक फैला है। उन्होंने भारत में मौजूद अपने गुर्गों को आतंकी सामग्री, धन, लॉजिस्टिक सहायता और टारगेट डिटेल्स उपलब्ध कराई थीं।
विज्ञापन
जांच के अनुसार गुरसिदाक और विशाल ग्रेनेड, हथियार और गोला-बारूद की खरीद और सप्लाई में शामिल थे। 1 मार्च को बटाला में शरणजीत को चार ग्रेनेड की खेप मिली थी। इनमें से एक उसने हमले से दो दिन पहले गुरसिदाक और विशाल को सौंपा। एनआईए की तलाशी के बाद शरणजीत बटाला से फरार हो गया था। लंबी खोजबीन और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गया से पकड़ा गया। एनआईए की ओर से मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन
एनआईए ने उसे बिहार के गया से शुक्रवार को पकड़ा। जांच में सामने आया है कि शरणजीत हमले की साजिश और उसके क्रियान्वयन में सक्रिय रूप से शामिल था। यह हमला 15 मार्च तड़के हुआ था जिसमें दो बाइक सवार हमलावरों गुरसिदाक सिंह और विशाल गिल ने अंजाम दिया था। दोनों विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे।
विज्ञापन
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ कि हैंडलर्स का नेटवर्क यूरोप, अमेरिका और कनाडा तक फैला है। उन्होंने भारत में मौजूद अपने गुर्गों को आतंकी सामग्री, धन, लॉजिस्टिक सहायता और टारगेट डिटेल्स उपलब्ध कराई थीं।
विज्ञापन
जांच के अनुसार गुरसिदाक और विशाल ग्रेनेड, हथियार और गोला-बारूद की खरीद और सप्लाई में शामिल थे। 1 मार्च को बटाला में शरणजीत को चार ग्रेनेड की खेप मिली थी। इनमें से एक उसने हमले से दो दिन पहले गुरसिदाक और विशाल को सौंपा। एनआईए की तलाशी के बाद शरणजीत बटाला से फरार हो गया था। लंबी खोजबीन और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गया से पकड़ा गया। एनआईए की ओर से मामले की जांच जारी है।