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Panchkula News: एनएचएआई मुआवजा पर तीन महीने में सुनाना होगा फैसला
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पंचकूला। एनएचएआई की ओर से अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग से जुड़ा मामला करीब छह साल से लंबित है। पंचकूला जिला अदालत ने सुनवाई करते हुए मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी कर निर्णय सुनाने के लिए एडीसी सह आर्बिट्रेटर को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया है। आदेश खंगेसरा गांव निवासी 69 वर्षीय जीत राम की याचिका पर आया।
जीत राम ने अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग को लेकर 2019 में मध्यस्थता के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार प्रक्रिया तय समय में पूरी होनी थी, लेकिन करीब छह साल बाद भी मामला लंबित रहा। 9 अक्टूबर 2025 को आर्बिट्रेटर ने आदेश जारी कर कहा था कि निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है और अब उन्हें सुनवाई का अधिकार नहीं है। इसके बाद किसान ने जिला अदालत का रुख किया।
सुनवाई के दौरान किसान की ओर से कहा गया कि देरी के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। आर्बिट्रेटर को प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं और कोरोना महामारी के दौरान करीब दो साल तक सुनवाई प्रभावित रही। संवाद
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जीत राम ने अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग को लेकर 2019 में मध्यस्थता के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार प्रक्रिया तय समय में पूरी होनी थी, लेकिन करीब छह साल बाद भी मामला लंबित रहा। 9 अक्टूबर 2025 को आर्बिट्रेटर ने आदेश जारी कर कहा था कि निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी है और अब उन्हें सुनवाई का अधिकार नहीं है। इसके बाद किसान ने जिला अदालत का रुख किया।
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सुनवाई के दौरान किसान की ओर से कहा गया कि देरी के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। आर्बिट्रेटर को प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालनी पड़ती हैं और कोरोना महामारी के दौरान करीब दो साल तक सुनवाई प्रभावित रही। संवाद
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