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Mohali: जीरकपुर के होटल बने गैंगस्टरों का नया ठिकाना, पुलिस भी नहीं करती जांच
Sun, 15 Jan 2023 01:46 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2023 01:46 AM IST
सार
जीरकपुर की सबसे ज्यादा आबादी पंचकूला सीमा से सटे बलटाना, पीरमुछल्ला और ढकोली में रहती है। घनी आबादी के इन क्षेत्रों में हजारों की संख्या में फ्लैट बने हुए हैं और अधिकतर किराए पर हैं।
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ढकोली में पुलिस और गैंगस्टर्स के बीच मुठभेड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
ढकोली के होटल एल्प्स में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और कुख्यात गैंगस्टर युवराज सिंह उर्फ जोरा के बीच हुई मुठभेड़ के बाद एक बार फिर जीरकपुर चर्चा में आ गया है। यहां पहले भी कई बार पुलिस और गैंगस्टरों की मुठभेड़ हो चुकी है। बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियों, पीजी और होटल होने के चलते यह इलाका गैंगस्टरों के लिए सबसे सुरक्षित गढ़ बना गया है। खास बात यह है कि सोसायटियों में जांच शुरू होने के बाद गैंगस्टरों ने छुपने का नया ठिकाना होटलों को बना लिया है क्योंकि पुलिस भी यहां जांच नहीं करती।
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गैंगस्टर वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से यहां किराए पर फ्लैट, पीजी या होटल लेकर छुप जाते हैं। हरियाणा, पंजाब या चंडीगढ़ में यहां से वारदात को अंजाम देना भी आसान है क्योंकि जीरकपुर का एक हिस्सा मोहाली, दूसरा हिस्सा चंडीगढ़ और तीसरा हिस्सा पंचकूला की सीमा से लगा हुआ है।
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जीरकपुर की सबसे ज्यादा आबादी पंचकूला सीमा से सटे बलटाना, पीरमुछल्ला और ढकोली में रहती है। घनी आबादी के इन क्षेत्रों में हजारों की संख्या में फ्लैट बने हुए हैं और अधिकतर किराए पर हैं। दूसरी ओर गैंगस्टर अक्सर ऐसे फ्लैटों और होटल चुनाव करते हैं जो पंचकूला की सीमा से लगते क्षेत्र पीरमुछल्ला या ढकोली में पड़ते हैं। पुलिस भी इस बात को समझ चुकी है।
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29 मई को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सूबे में पुलिस द्वारा सर्च अभियान चलाया गया। मोहाली पुलिस ने भी एक साथ कई सोसायटियों में छापा मारकर तलाशी ली और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इनके जरिए मिलने वाली जानकारियों से कई अपराधियों को पुलिस ने पकड़कर हवालात में किया। इसके बाद गैंगस्टर सतर्क हो गए और अपने ठिकानों को बदलकर होटलों में शिफ्ट कर लिया। वर्तमान में पुलिस का सर्च अभियान केवल सोसायटियों तक सीमित है जबकि जिले में हजारों की संख्या में अवैध होटल चल रहे हैं।
पीरमुछल्ला में हुआ था अंकित भादू का एनकाउंटर
पीरमुछल्ला की त्रिशला प्लस सिटी सोसायटी के सामने तीन मंजिला फ्लैट में कुख्यात गैंगस्टर अंकित भादू अपने साथियों के साथ रहता था। दिसंबर 2018 में सूचना मिलने पर एंटी गैंगस्टर शाखा के अधिकारियों ने गैंगस्टर अंकित भादू की घेराबंदी कर उसे मार गिराया था। हालांकि गैंगस्टर अंकित भादू के बाकी साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जो अभी जेल में हैं। पीरमुछल्ला के अलावा वीआईपी रोड की पेंटा होम्स में गैंगस्टरों को पुलिस पकड़ चुकी है।
भुप्पी राणा गैंग के गुर्गों से हुई थी बलटाना के होटल में मुठभेड़
जुलाई 2022 में जीरकपुर के बलटाना स्थित होटल रिलेक्स इन में छह दिनों की रेकी के बाद पंजाब पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर भुप्पी राणा गैंग के तीन गुर्गों की गिरफ्तारी हुई थी। इस गैंग के मुख्य सरगना अंकित राणा को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर किया था। यह गिरोह होटल संचालकों से रंगदारी वसूलता था। वीडियो कॉल के जरिए गैंगस्टर रंगदारी मांगते थे। हर माह प्रत्येक होटल से 25 से 30 हजार रुपये की वसूली करते थे।
आपराधिक रिकार्ड चेक कर फ्लैट लेते हैं गैंगस्टर
ढकोली, पीरमुछल्ला में गैंगस्टर ऐसे लोगों के फ्लैटों में अपना ठिकाना बनाते हैं जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड पुलिस की सूची में शामिल नहीं होता। पैसों के लालच में मकान मालिक अपने किराएदारों का पुलिस सत्यापन नहीं करवाते, जिस कारण गैंगस्टरों को जीरकपुर में आसानी से किराए पर कमरा या फ्लैट मिल जाता है। जीरकपुर की आबादी करीब चार लाख है, पुलिस के लिए किराएदारों का रिकार्ड रखना बड़ी चुनौती है। अब भी 60 फीसदी मकान मालिकों ने अपने किराएदारों का पुलिस सत्यापन नहीं करवाया है। वहीं फ्लैटों में मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले लोग देर रात काम से घर लौटते हैं और अपने घरों के अलावा दूसरे घरों में कौन रहता है, इसका किसी को पता नहीं होता। दूसरी ओर, आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोग ऐसी जगहों पर अपना ठिकाना बनाते हैं ताकि पुलिस इनके पास पहुंच न सके।