फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Mounting pressure on one bridge, demand raised for another.

Panchkula News: एक पुल पर बढ़ता दबाव, दूसरे की उठी मांग

Mon, 27 Jul 2026 02:01 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
Mounting pressure on one bridge, demand raised for another.
चंडीमंदिर। अमरावती पुल को लेकर शुरू हुए अमर उजाला के अभियान का असर अब आसपास के गांवों तक पहुंचने लगा है। इस बार आवाज केवल अमरावती की नहीं, बल्कि क्षेत्र के गांवों के लोगों ने भी बुलंद की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केवल एक पुल का मामला नहीं, बल्कि पूरे उत्तरी पंचकूला जिले की लाइफलाइन का सवाल है। बढ़ती आबादी, नए आवासीय प्रोजेक्ट और लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के बीच अब दूसरा संपर्क मार्ग बनाना प्रशासन की मजबूरी बन चुका है।
विज्ञापन

लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय पुल पर वाहनों की लंबी कतारें लगना आम हो गया है। स्कूल बसें, एंबुलेंस, कर्मचारियों और उद्योगों के वाहन एक ही पुल पर निर्भर हैं। यदि किसी दिन पुल पर मरम्मत या कोई हादसा हो जाए तो पूरे इलाके का शहर से संपर्क प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन को केवल सर्वे तक सीमित न रहकर निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। सोहनलाल, जयपाल, पम्मी, गुरदीप, गुस्चरन सिंह, कालाराम, देवराज, हरपाल, गाेविंद, विक्की, चिंटा, नेहा, सहित अन्य क्षेत्रवासियों से मांग की है कि प्रशासन दूसरे पुल के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की समय-सीमा तय करे और निर्माण का रोडमैप सार्वजनिक करे। उनका कहना है कि जिस गति से उत्तरी क्षेत्र में विकास हो रहा है, उसी गति से आधारभूत ढांचे का विस्तार भी जरूरी है।
विज्ञापन





-कोटहर साल आबादी और ट्रैफिक बढ़ रहा है, लेकिन संपर्क का रास्ता वही पुराना है। दूसरा पुल अब सुविधा नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। प्रशासन को इसकी घोषणा में और देरी नहीं करनी चाहिए। - बबली रावत, वाहन चालक
विज्ञापन
विज्ञापन

-बच्चों को स्कूल और मरीजों को अस्पताल ले जाते समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। जाम में कई बार काफी देर तक फंसना पड़ता है। दूसरा संपर्क मार्ग बनने से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। - आशा देवी, सुरजपुर
-अमरावती और आसपास लगातार नई हाउसिंग परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। यदि अभी से वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया तो आने वाले वर्षों में हालात संभालना मुश्किल होगा। - जसबीर सिंह

-प्रशासन को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध योजना जारी करनी चाहिए। लोगों को यह पता होना चाहिए कि दूसरा पुल कब स्वीकृत होगा और निर्माण कब शुरू होगा।- शमसेर सिंह, प्रधान अमरावती एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed