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Panchkula News: सेक्टर-20 के 65 से ज्यादा सोसाइटियों को एन्हांसमेंट से नहीं मिली राहत

Sat, 17 Jun 2023 01:59 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jun 2023 01:59 AM IST
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More than 65 societies of Sector-20 did not get relief from enhancement
माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। आधा एकड़ में बने सेक्टर-20 के करीब 65 सोसायटियों के लोगों को 21 साल बाद भी एन्हांसमेंट से राहत नहीं मिली है। इसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक 394 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड एन्हांसमेंट एचएसवीपी को लेना चाहिए, लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 15 फीसदी ब्याज के साथ हजारों रुपये के हिसाब से लोगों से एन्हांसमेंट वसूला है। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और अदालत का दरवाजा खटखटाया तो प्रदेश सरकार ने 22 अगस्त साल 2019 को यूनिफार्म एन्हांसमेंट पॉलिसी बनाई। उसके बाद पूरे प्रदेश में एन्हांसमेंट की री केलकुलेशन की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन सेक्टर-20 के स्थानीय लोगों को आजतक इस पॉलिसी का लाभ नहीं मिल पाया है।
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आधा एकड़ प्लाट धारकों से एचएसवीपी ने कैसे वसूला एन्हांसमेंट
आधा एकड़ प्लॉट धारकों का साल 2002 में 811 रुपये 85 पैसे प्रति स्क्वायर मीटर, 2010 में 2276 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर, 2016 में 1315 रुपये छह पैसे प्रति स्क्वायर मीटर लिया गया। इसके बाद 2018 में एचएसवीपी ने उसी का डुप्लीकेट 1903 रुपये 26 पैैैसे प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से एन्हांसमेंट का नोटिस भेज दिया। यह जानकारी जीएच-41 के स्थानीय निवासी योगेंद्र क्वात्रा ने दी। उन्होंने बताया कि सोसायटी के लोग इसके विरोध में अदालत पहुंचे तो एचएसवीपी ने क्लेरिकल गलती का हवाला देकर 1903 रुपये 26 पैसे प्रति स्क्वायर मीटर की जगह 1315 रुपये छह पैसे प्रति स्क्वायर मीटर का नोटिस भेज दिया। इसके बाद इस पर 15 फीसदी ब्याज भी लगा दिया। क्वात्रा ने बताया कि री-केलकुलेशन नहीं होने के चलते यह बढ़कर 2258654 रुपये हो गए हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी एचएसवीपी ने कोई सुनवाई नहीं की।
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किसानों की जमीन के एवज में लूट
जीएच-104 के प्रधान और आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी अविनाश मलिक ने बताया कि सेक्टर-20 के 254 एकड़ लैंड को एचएसवीपी ने 254 करोड़ में खरीदकर हजारों करोड़ में लोगों से बेचा और एन्हांसमेंट के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल किए, जबकि 2010 के बाद एन्हांसमेंट को लेकर कोर्ट की कोई भी निर्देश नहीं है। जो सरासर लूट है।
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10 फीसदी रिफंड का दावा खोखला
सोसायटी नंबर 105 के प्रधान मोहन बग्गा ने बताया कि 1990 में एचएसवीपी ने 892 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर का ब्राशर दिखाया और प्लॉट (1990 से 1996 के बीच) 1206 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से दिया। इसके अलावा एचएसवीपी ने तीन साल में प्लाट पर घर बनाने वालों को लैंड कास्ट का 20 फीसदी और चार साल में 10 फीसदी रिफंड करने का दावा भी खोखला साबित हुआ। वहीं एन्हांसमेंट से जुड़े सेक्टर-20 के जितने भी कोर्ट केस पर फैसले हुए हैं, उसको एचएसवीपी लागू नहीं कर पाया है।


बोझ डालते गए, सुविधाएं पूरी दी नहीं
सोसाइटी नंबर 36 के प्रधान रमेश कुमार मोंगा ने बताया कि एन्हांसमेंट के नाम पर चार किस्तों में एचएसवीपी ने अवैध रूप से स्थानीय लोगों से करोड़ों रुपये वसूल कर लिया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं सेक्टर के लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। प्रदेश सरकार ने यूनिफार्म एन्हांसमेंट पॉलिसी बनाई थी, लेकिन विभाग उसे लागू भी नहीं कर पाया।


क्या है एन्हांसमेंट
जमीन की मुआवजा राशि जमीन मालिक को दी जाती है। अगर जमीन मालिक बाद में दी गई राशि को पर्याप्त नहीं पाता है तो वह इस मामले में भूमि अधिग्रहण अधिनियम एक्ट के तहत आपत्ति दर्ज करता है। उसकी मांग पर अगर कोई राशि अवॉर्ड होती है तो खरीदार को वह राशि चुकानी होती है।
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