{"_id":"5f60ef128ebc3efbb2651983","slug":"modern-technology-will-clean-gurugram-agra-canal-from-yamuna-river-panchkula-news-pkl38798019","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधुनिक तकनीक से होगी यमुना नदी से गुरुग्राम-आगरा कनाल की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधुनिक तकनीक से होगी यमुना नदी से गुरुग्राम-आगरा कनाल की सफाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। यमुना नदी से गुरुग्राम और आगरा कैनाल में जाने वाले प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए सरकार अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेगी। अभी तक परंपरागत तौर तरीकों से सफाई का काम चलता था। जो कि अब नाकाफी महसूस होने लगा है। इसी संदर्भ में मंगलवार को हरियाणा निवास में बैठक भी हुई। जिसमें हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। इसकी अध्यक्षता हरियाणा के परिवहन तथा खान एवं भू-विज्ञान मंत्री मूलचंद शर्मा ने की।
मंत्री ने कहा कि यमुना नदी से गुरुग्राम और आगरा कैनाल में जाने वाले प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए परंपरागत तौर-तरीकों के साथ-साथ आधुनिक टेक्नॉलोजी का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ताकि लोगों को प्रदूषित पानी से होने वाली जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सके और खेतों की सिंचाई के लिए भी साफ पानी उपलब्ध हो सके। बैठक में आगरा व गुरुग्राम कैनाल में प्रदूषित पानी को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में तीन कंपनियों की तरफ से पानी साफ करने की टेक्नोलॉजी के संबंध में प्रस्तुतीकरण भी दिए गये। इन पर चर्चा के बाद परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को इन कंपनियों के साथ करार करने की संभावनाएं तलाशने के मकसद से अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए। विधायक सत्य प्रकाश, आफताब अहमद, मामन खान, सीमा त्रिखा, राजेश नागर, प्रवीण डागर और दीपक मंगला को मिलाकर कुल सात विधायकों ने शिरकत की। ये सभी विधायक प्रभावित जिलों पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात से आते हैं। इस दौरान विधायकों ने पानी के प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई रचनात्मक सुझाव दिए। बैठक में बताया गया कि यमुना नदी प्रदेश के यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल जिलों से होते हुए हरियाणा के कुल 179 किलोमीटर क्षेत्र से गुजरती है। यह नदी जिला सोनीपत के पल्ला गांव से दिल्ली में प्रवेश करती है और पल्ला से दिल्ली के जैतपुर तक 52 किलोमीटर कवर करती है। इसके बाद यह ओखला हैड के निकट जिला फरीदाबाद से पुनऱ् राज्य में प्रवेश करती है। इस साल जनवरी से अगस्त माह तक किए गए पल्ला से गुरुग्राम कैनाल, बदरपुर तक पानी की गुणवत्ता के अध्ययन से पता चलता है कि हरियाणा से दिल्ली को साफ पानी जाता है परन्तु बदरपुर बॉर्डर तक पहुंचते-पहुंचते यह बुरी तरह से प्रदूषित हो जाता है।
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि यमुना नदी से गुरुग्राम और आगरा कैनाल में जाने वाले प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए परंपरागत तौर-तरीकों के साथ-साथ आधुनिक टेक्नॉलोजी का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ताकि लोगों को प्रदूषित पानी से होने वाली जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सके और खेतों की सिंचाई के लिए भी साफ पानी उपलब्ध हो सके। बैठक में आगरा व गुरुग्राम कैनाल में प्रदूषित पानी को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में तीन कंपनियों की तरफ से पानी साफ करने की टेक्नोलॉजी के संबंध में प्रस्तुतीकरण भी दिए गये। इन पर चर्चा के बाद परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को इन कंपनियों के साथ करार करने की संभावनाएं तलाशने के मकसद से अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए। विधायक सत्य प्रकाश, आफताब अहमद, मामन खान, सीमा त्रिखा, राजेश नागर, प्रवीण डागर और दीपक मंगला को मिलाकर कुल सात विधायकों ने शिरकत की। ये सभी विधायक प्रभावित जिलों पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात से आते हैं। इस दौरान विधायकों ने पानी के प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई रचनात्मक सुझाव दिए। बैठक में बताया गया कि यमुना नदी प्रदेश के यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल जिलों से होते हुए हरियाणा के कुल 179 किलोमीटर क्षेत्र से गुजरती है। यह नदी जिला सोनीपत के पल्ला गांव से दिल्ली में प्रवेश करती है और पल्ला से दिल्ली के जैतपुर तक 52 किलोमीटर कवर करती है। इसके बाद यह ओखला हैड के निकट जिला फरीदाबाद से पुनऱ् राज्य में प्रवेश करती है। इस साल जनवरी से अगस्त माह तक किए गए पल्ला से गुरुग्राम कैनाल, बदरपुर तक पानी की गुणवत्ता के अध्ययन से पता चलता है कि हरियाणा से दिल्ली को साफ पानी जाता है परन्तु बदरपुर बॉर्डर तक पहुंचते-पहुंचते यह बुरी तरह से प्रदूषित हो जाता है।
विज्ञापन