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हाईकोर्ट की खबरें: दूसरी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने पर 50 हजार जुर्माना, नूंह निवासी पिता-पुत्र ने लगाई सुरक्षा की गुहार
Wed, 15 Jun 2022 02:49 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 02:49 PM IST
सार
ऊंची जाति के लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए अनुसूचित समाज के पिता-पुत्र ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजीपी, एसपी नूंह व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत के लिए दूसरी याचिका दाखिल करने को कानून का दुरूपयोग बताते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने यह राशि एक माह में जमा न करवाने की स्थिति में याची की संपत्ति के माध्यम से इसकी वसूली का आदेश दिया है।
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गुरुग्राम निवासी अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। याची पर 1 अप्रैल 2022 को धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई थी। अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट से राहत न मिलते देख याची ने याचिका को वापस ले लिया था। इसके बाद अपना वकील बदलते हुए याची ने बिना परिस्थितियों में कोई परिवर्तन हुए दोबारा याचिका दाखिल कर दी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि अब यह चलन बढ़ गया है कि कोर्ट से राहत न मिलता देख याचिका वापस ले ली जाती है और कुछ समय बाद दोबारा याचिका दाखिल कर दी जाती हैं। इस चलन को बंद करना अनिवार्य हो गया है। ऐसे में कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। कोर्ट ने गुरुग्राम के डीसी को इस राशि को वसूलने की जिम्मेदारी सौंपी है।
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ऊंची जाति के लोगों से प्रताड़ित पिता-पुत्र ने लगाई सुरक्षा की गुहार
ऊंची जाति के लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए अनुसूचित समाज के पिता-पुत्र ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, डीजीपी, एसपी नूंह व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही डीजीपी व एसपी नूंह को याची पिता-पुत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए नूंह निवासी सुनील कुमार ने एडवोकेट नफीस अहमद खान के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि वह अनुसूचित जाति से हैं। नवाबदीन व अख्तर अली लगातार याची व उसके पिता को प्रताड़ित कर रहे हैं। याची के पिता जगदीश चंद को जाति सूचक शब्दों से गालियां दी जाती हैं।
याची की शिकायत पर दोनों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर भी दर्ज की गई। याची ने कहा कि दोनों आरोपी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं, ऐसे में पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए याची ने डीजीपी को मांगपत्र भी सौंपा था लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। याची की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने डीजीपी व नूंह के एसपी को याची की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। साथ ही याची के मांगपत्र पर डीजीपी को एक सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।