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सफाई कर्मचारियों के लिए बनेगा महापौर राहत कोष
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चंडीगढ़। नगर निगम के अंतर्गत मृतक सफाई कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने मेयर राहत कोष बनाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य जांच, स्वास्थ्य बीमा और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के सुझाव दिए गए हैं।
यूटी गेस्ट हाउस में बैठक की अध्यक्षता करते हुए सदस्य जगदीश हिरमानी ने कहा कि नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन, मजदूरी का समय, भुगतान के साथ ही कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी का सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आवास की सुविधा सभी सफाई कर्मचारियों को मिल सके, इसकी भी पूरी व्यवस्था चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से की जानी चाहिए। कर्मचारियों के हितों को पूरा करने के साथ ही उनके बच्चों के पठन पाठन कार्य के लिए भी पूरी सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने बैठक में कहा कि भारत सरकार की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति में 5 प्रतिशत की छूट की भी व्यवस्था होनी चाहिए। पंजाब सरकार की अनुकंपा नीति को अपनाने की भी उन्होंने बात कही।
916 नियमित पद हैं खाली
बैठक में नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि निगम के अंतर्गत कुल 3327 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 734 स्थायी और 299 डेलीवेज और 2294 आउटसोर्स पर कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में 916 पद नियमित पद खाली हैं, जो आउससोर्स के आधार पर भरे गए हैं।
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उच्च दरों पर मिल रहा वेतन
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य को बताया गया कि चंडीगढ़ में उच्च दरों पर वेतन दिया जा रहा है। इसके साथ ही नियमित सुरक्षा किट और उपकरण दिए जा रहे हैं।
20 लाख तक के ऋण की सुविधा
चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारियों के आश्रितों के लिए 20 लाख रुपये ऋण की सुविधा की गई है। इसके जरिए वह लघु व्यवसाय का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत 10 ऋण के मामले चल रहे हैं।
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यूटी गेस्ट हाउस में बैठक की अध्यक्षता करते हुए सदस्य जगदीश हिरमानी ने कहा कि नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन, मजदूरी का समय, भुगतान के साथ ही कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी का सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। आवास की सुविधा सभी सफाई कर्मचारियों को मिल सके, इसकी भी पूरी व्यवस्था चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से की जानी चाहिए। कर्मचारियों के हितों को पूरा करने के साथ ही उनके बच्चों के पठन पाठन कार्य के लिए भी पूरी सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने बैठक में कहा कि भारत सरकार की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति में 5 प्रतिशत की छूट की भी व्यवस्था होनी चाहिए। पंजाब सरकार की अनुकंपा नीति को अपनाने की भी उन्होंने बात कही।
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916 नियमित पद हैं खाली
बैठक में नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि निगम के अंतर्गत कुल 3327 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 734 स्थायी और 299 डेलीवेज और 2294 आउटसोर्स पर कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में 916 पद नियमित पद खाली हैं, जो आउससोर्स के आधार पर भरे गए हैं।
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उच्च दरों पर मिल रहा वेतन
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य को बताया गया कि चंडीगढ़ में उच्च दरों पर वेतन दिया जा रहा है। इसके साथ ही नियमित सुरक्षा किट और उपकरण दिए जा रहे हैं।
20 लाख तक के ऋण की सुविधा
चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारियों के आश्रितों के लिए 20 लाख रुपये ऋण की सुविधा की गई है। इसके जरिए वह लघु व्यवसाय का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत 10 ऋण के मामले चल रहे हैं।