सीबीआई कोर्ट से न्याय की उम्मीद: मीडिया के सामने आए रणजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह, कहा-मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी
खट्टा सिंह ने कहा कि वह कोर्ट से मांग करते हैं कि रणजीत सिंह की हत्या करने वाले दोषियों को सख्त से सख्त सजा सुनाए, ताकि कोई इस तरह की वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।
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रणजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह और डेरामुखी के ड्राइवर खट्टा सिंह ने कहा कि उन्हें पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत पर पूरा विश्वास है। रणजीत सिंह के परिवार को न्याय मिलेगा। मंगलवार को कोर्ट में कार्रवाई के बाद खट्टा सिंह मीडिया के सामने आए और सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम सिंह एक कुर्सी पर चुपचाप बैठा था। वह कुछ बोल रहा था। ऐसा लग रहा था कि उसे अपने किए पर पछतावा है। उसका चेहरा मुरझाया हुआ था। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट से मांग करते हैं कि रणजीत सिंह की हत्या करने वाले दोषियों को सख्त से सख्त सजा सुनाए, ताकि कोई इस तरह की वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।
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इन धाराओं में कोर्ट ने दिया दोषी करार
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह और कृष्ण कुमार को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) के तहत दोषी करार दिया है। वहीं, अवतार,जसवीर और सबदिल को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिकषड्यंत्र रचना) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।
रणजीत सिंह हत्याकांड
- 10 जुलाई 2002 को डेरा के मैनेजर रहे रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले थे। रणजीत को डेरामुखी के काफी करीब माना जाता था। इस मामले में एफआईआर रणजीत के बेटे जगसीर ने दर्ज कराई थी।
- डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत सिंह ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी।
- जनवरी 2003 में रणजीत सिंह के बेटे ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उनके बेटे के पक्ष में फैसला सुनाते हुए केस सीबीआई को सौंप दिया था।
- पांच साल की कवायद के बाद 2007 में कोर्ट ने मामले में आरोप तय किए।
- रणजीत सिंह हत्याकांड का मामला 14 साल तक तारीख दर तारीख चलता रहा है और 21 अगस्त 2021 को बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई थी।
- 26 अगस्त 2021 को कोर्ट ने मामले की फाइनल सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
- 8 अक्तूबर 2021 को रणजीत सिंह हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट ने सुनारिया जेल में बंद राम रहीम के साथ कृष्ण लाल, सबदिल, अवतार और जसबीर को दोषी करार दिया है। वहीं, इस केस के एक आरोपी इंदरसैन की मौत हो चुकी है। रणजीत सिंह हत्याकांड में सजा का ऐलान 12 अक्तूबर को किया जाएगा।
- यह मामला फिलहाल पंचकला स्थित हरियाणा की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चल रहा है।
- रणजीत सिंह हत्याकांड में तीन गवाह महत्वपूर्ण थे। इनमें दो चश्मदीद गवाह सुखदेव सिंह और जोगिंद्र सिंह ने कहा था कि उन्होंने आरोपितों को रंजीत सिंह पर गोली चलाते हुए देखा था। वहीं, इस मामले का तीसरा गवाह गुरमीत का ड्राइवर खट्टा सिंह था, जिसके सामने रंजीत को मारने की साजिश रची गई थी। पहले उसने बोला था कि गुरमीत राम रहीम ने उसके सामने ही रंजीत को मारने के लिए बोला था, लेकिन कोर्ट में वह अपने बयान से मुकर गया।
- डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का ड्राइवर खट्टा सिंह कुछ साल बाद फिर से कोर्ट में पेश हुआ और रणजीत सिंह के पक्ष में गवाही दी. उसकी गवाही के बाद ही कोर्ट ने मामले में सजा सुनाई है।