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Panchkula News: सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में बंद शौचालय, गंदे स्ट्रेचर, टूटी व्हीलचेयर

Sun, 11 Jan 2026 01:55 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 01:55 AM IST
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Locked toilets, dirty stretchers, broken wheelchairs in the emergency ward of the Civil Hospital
सेक्टर -6 सिविल अस्पताल में संक्रमण से भरे स्ट्रेचर।
रात पड़ताल में खुली व्यवस्था की पोल, मरीजों को रात में नहीं मिल रहीं दवाएं, वार्डों में सुरक्षा गार्ड भी नदारद
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में रात के समय स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई नजर आईं। इमरजेंसी वार्ड के शौचालय बंद रहे, मरीजों को संक्रमण से भरे स्ट्रेचर मिले और कई व्हीलचेयर टूटी हालत में पाई गईं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार रात 10 बजे से रात 1 बजे तक इमरजेंसी से लेकर विभिन्न वार्डों का जायजा लिया। इस दौरान मरीजों को दवाएं न मिलने और वार्डों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती न होने की गंभीर लापरवाही सामने आई।

रोज चार हजार ओपीडी, रात में इमरजेंसी पर बढ़ता दबाव
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना करीब चार हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं 24 घंटे में इमरजेंसी में लगभग 600 मरीज आ रहे हैं। ठंड बढ़ने के बाद रात के समय सांस की समस्या, सड़क दुर्घटनाएं, पेट दर्द और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे हालात में इमरजेंसी वार्ड पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है।
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एक शाैचायल पर तीन जोन के मरीज
शनिवार रात करीब दस बजे इमरजेंसी वार्ड में बने शौचालय मरीजों के लिए बंद कर दिए गए। इसके चलते रेड जोन, येलो जोन और ग्रीन जोन के मरीजों को एक ही टॉयलेट का उपयोग करना पड़ा। रात के समय शौचालयों की सफाई नहीं होने से बदबू और गंदगी के कारण मरीजों व तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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गंदे स्ट्रेचर और टूटी व्हीलचेयर बनी परेशानी
इमरजेंसी में उपलब्ध स्ट्रेचर गंदे और संक्रमण से भरे मिले। कई स्ट्रेचर की सफाई नहीं की गई थी। वहीं टूटी व्हीलचेयर की मरम्मत भी नहीं कराई गई जिससे मरीजों को वैकल्पिक साधनों से इलाज कराना पड़ा।

वार्डों में सुरक्षा गार्ड नहीं, मरीज असुरक्षित
जांच के दौरान महिला वार्ड, बच्चों के वार्ड और सर्जरी वार्ड में कोई भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिला। इससे मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना देखी गई।

बॉक्स
दवा नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
मुझे पैर में चोट लगी है। इमरजेंसी में दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन तो दे दिया लेकिन लिखी गई दवाओं की एक भी डोज रात में नहीं मिली। दवा न मिलने से दर्द कम नहीं हो रहा है।
-शिवदयाल, निवासी मौलीजागरां, मरीज

व्हीलचेयर पर चढ़ाया गया ग्लूकोज
तेज पेट दर्द होने पर इमरजेंसी में आया था। स्ट्रेचर गंदे और संक्रमण से भरे थे। सफाई न होने के कारण व्हीलचेयर पर ही ग्लूकोज चढ़ाया गया। शाम के बाद सफाई व्यवस्था बेहद खराब रही।

- मोहम्मद इलियास, निवासी सेक्टर-5, मरीज

कोट
खुद करूंगी जांच, खामी मिली तो होगी कार्रवाई
यदि सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में स्ट्रेचर, टॉयलेट और वार्ड गंदे रहते हैं तो इसकी जांच मैं स्वयं करूंगी। किसी भी प्रकार की खामी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों की तैनाती की गई है और रात के समय स्ट्रेचर व व्हीलचेयर की सफाई भी कराई जाएगी।
-डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग
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