{"_id":"614b93878ebc3e01f92638fa","slug":"justice-somnath-will-investigate-karnal-lathi-charge-panchkula-news-pkl4276936172","type":"story","status":"publish","title_hn":"जस्टिस सोमनाथ करेंगे करनाल लाठीचार्ज की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जस्टिस सोमनाथ करेंगे करनाल लाठीचार्ज की जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर आंदोलनकारी किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज सोमनाथ अग्रवाल करेंगे। आईएएस व करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा की लाठीचार्ज में भूमिका की जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में बुधवार को जांच आयोग गठित करने को मंजूरी दे दी। जस्टिस सोमनाथ आयोग को एक महीने के भीतर जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
सिविल सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि आयोग 28 अगस्त 2021 को हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगा। घटनाक्रम के दिन करनाल में उत्पन्न परिस्थिति के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग जांच के मुख्य बिंदु होंगे। परिस्थितियां उत्पन्न करने के जिम्मेदार व्यक्तियों का भी पता लगाया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई में करनाल के उप-मंडल दंडाधिकारी आयुष सिन्हा की भूमिका की गहनता से जांच होगी।
आयोग का कार्यकाल आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से शुरू होकर एक माह तक रहेगा। एक महीने के भीतर आयोग को जांच पूरी करनी होगी। सरकार ने किसानों के साथ पांच दिन के आंदोलन के बाद करनाल में हुए समझौते में एक माह में जांच पूरी कराने का आश्वासन दिया हुआ है। आईएएस आयुष एक महीने की छुट्टी पर भेज दिए गए हैं। मृतक किसान के बेटे-बेटी को नौकरी दे दी गई है। मंत्रिमंडल बैठक में किसान आंदोलन के साथ ही दिल्ली सीमा पर रास्ता खुलवाने को लेकर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि आयोग 28 अगस्त 2021 को हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगा। घटनाक्रम के दिन करनाल में उत्पन्न परिस्थिति के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग जांच के मुख्य बिंदु होंगे। परिस्थितियां उत्पन्न करने के जिम्मेदार व्यक्तियों का भी पता लगाया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई में करनाल के उप-मंडल दंडाधिकारी आयुष सिन्हा की भूमिका की गहनता से जांच होगी।
विज्ञापन
आयोग का कार्यकाल आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से शुरू होकर एक माह तक रहेगा। एक महीने के भीतर आयोग को जांच पूरी करनी होगी। सरकार ने किसानों के साथ पांच दिन के आंदोलन के बाद करनाल में हुए समझौते में एक माह में जांच पूरी कराने का आश्वासन दिया हुआ है। आईएएस आयुष एक महीने की छुट्टी पर भेज दिए गए हैं। मृतक किसान के बेटे-बेटी को नौकरी दे दी गई है। मंत्रिमंडल बैठक में किसान आंदोलन के साथ ही दिल्ली सीमा पर रास्ता खुलवाने को लेकर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन