{"_id":"eaaa5b5cf3f4c5db1e1de26e3a6710bf","slug":"just-pass-fake-racket-kingpin-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी बस पास रैकेट का सरगना गिरफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी बस पास रैकेट का सरगना गिरफ्तार
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 11 Oct 2013 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा रोडवेज के फर्जी पास बनाने वाले रैकेट का सरगना पुलिस की गिरफ्त में आ गया। वीरवार को आरोपी बुढ़नपुर निवासी मनदीप को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया गया।
वहीं, एक दिन का रिमांड खत्म होने के बाद संदीप को भी अंबाला जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से वह कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर भी बरामद कर लिया है, जिसकी मदद से फर्जी पास तैयार किए जाते थे।
मौली जागरां निवासी संदीप नाम के युवक को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था, जो बस स्टैंड पर नकली पास बेचने का काम करता था। संदीप की निशानदेही पर अब मंदीप को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, मंदीप कंप्यूटर में एक्सपर्ट है और वह अपने घर में पास बनाता था।
विज्ञापन
जबकि, संदीप पास बेचने का काम करता था। दोनों मिलकर करीब चार महीनें से रैकेट चला रहे थे और कई पास बना चुके हैं। दरअसल, पिछले दिनों चेकिंग के दौरान एक सवार के पास से हरियाणा रोडवेज के उड़नदस्ते को एक पास हाथ लगा था। शक होने पर पास को चेक किया गया।
जांच में पास नकली निकला। पास धारक से जब पूछा गया, तो उसने बताया कि उसे बस स्टैंड पर एक व्यक्ति मिला था, जिसने बताया कि वह पास बनवा देगा। एक सप्ताह बाद उसे पास दे दिया। उसे नहीं पता था कि पास नकली है। पास पकड़े जाने की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदीप नाम का युवक पकड़ा और उसकी निशानदेही पर मंदीप को पकड़ा गया।
विज्ञापन
वहीं, एक दिन का रिमांड खत्म होने के बाद संदीप को भी अंबाला जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से वह कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर भी बरामद कर लिया है, जिसकी मदद से फर्जी पास तैयार किए जाते थे।
विज्ञापन
मौली जागरां निवासी संदीप नाम के युवक को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था, जो बस स्टैंड पर नकली पास बेचने का काम करता था। संदीप की निशानदेही पर अब मंदीप को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, मंदीप कंप्यूटर में एक्सपर्ट है और वह अपने घर में पास बनाता था।
विज्ञापन
जबकि, संदीप पास बेचने का काम करता था। दोनों मिलकर करीब चार महीनें से रैकेट चला रहे थे और कई पास बना चुके हैं। दरअसल, पिछले दिनों चेकिंग के दौरान एक सवार के पास से हरियाणा रोडवेज के उड़नदस्ते को एक पास हाथ लगा था। शक होने पर पास को चेक किया गया।
जांच में पास नकली निकला। पास धारक से जब पूछा गया, तो उसने बताया कि उसे बस स्टैंड पर एक व्यक्ति मिला था, जिसने बताया कि वह पास बनवा देगा। एक सप्ताह बाद उसे पास दे दिया। उसे नहीं पता था कि पास नकली है। पास पकड़े जाने की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदीप नाम का युवक पकड़ा और उसकी निशानदेही पर मंदीप को पकड़ा गया।