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यहां अब उतारनी होगी चमड़े की बेल्ट
अमर उजाला पंचकूला
Updated Sat, 12 Oct 2013 12:55 AM IST
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माता मनसा देवी के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले अपनी चमड़े की बेल्ट को बाहर ही रखनी होगी।
प्रशासन ने मेला ड्यूटी पर तैनात सेवादारों और पुलिसकर्मियों को इस बारे में निर्देश दे दिए हैं।
श्रद्धालुओं को अब जूतों की तरह बेल्ट भी मंदिर के प्रवेश द्वार से दूर रखनी होगी।
माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अपने जूता तो प्रशासन द्वारा बनाए गए जूता घर में रख देते थे, लेकिन चमड़े की बेल्ट मंदिर परिसर में ही उतारते थे।
मंदिर के पुजारियों के अनुसार चमड़े की कोई भी वस्तु या वस्त्र मंदिर के अंदर नहीं लाए जा सकते।
इसको देखते हुए ही प्रशासन जूता घर की तरह श्रद्धालुओं के लिए चमड़े की बेल्ट रखने की भी व्यस्था करने जा रहा है।
अभी श्रद्धालु मंदिर के गेट में प्रवेश करते ही अपनी चमड़े की बेल्ट उतारकर किनारे पर रख देते हैं। इससे वहां पर बेल्टों का ढेर लग जाता है।
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प्रशासन ने मेला ड्यूटी पर तैनात सेवादारों और पुलिसकर्मियों को इस बारे में निर्देश दे दिए हैं।
श्रद्धालुओं को अब जूतों की तरह बेल्ट भी मंदिर के प्रवेश द्वार से दूर रखनी होगी।
माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अपने जूता तो प्रशासन द्वारा बनाए गए जूता घर में रख देते थे, लेकिन चमड़े की बेल्ट मंदिर परिसर में ही उतारते थे।
मंदिर के पुजारियों के अनुसार चमड़े की कोई भी वस्तु या वस्त्र मंदिर के अंदर नहीं लाए जा सकते।
इसको देखते हुए ही प्रशासन जूता घर की तरह श्रद्धालुओं के लिए चमड़े की बेल्ट रखने की भी व्यस्था करने जा रहा है।
अभी श्रद्धालु मंदिर के गेट में प्रवेश करते ही अपनी चमड़े की बेल्ट उतारकर किनारे पर रख देते हैं। इससे वहां पर बेल्टों का ढेर लग जाता है।