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आईटी पार्क में लग्जरी होटल बनाने की जल्द मिल सकती है अनुमति
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चंडीगढ़। राजीव गांधी चंडीगढ़ टेक्नोलॉजी पार्क में पांच एकड़ जमीन पर लग्जरी होटल के निर्माण की अनुमति जल्द ही प्रशासन को मिल सकती है, क्योंकि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने फाइल को मंजूरी के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भेज दी है। बोर्ड यहां पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर होटल का निर्माण करने का प्रयास कर रहा है। अप्रूवल मिलने के बाद ही बोर्ड यहां पीपीपी मोड पर होटल का निर्माण की प्रक्रिया को शुरू करेगा।
आईटी पार्क में होटल के ऑक्शन में असफल होने के बाद बोर्ड ने यहां टर्म एंड कंडीशंस में छूट देने का फैसला लिया था लेकिन इस संबंध में बोर्ड अभी कुछ फाइनल नहीं कर पाया है। छूट वाले प्रस्ताव के तहत फैसला लिया गया था कि जो भी बोलीदाता ऑक्शन में सफल होगा। उसे 90 दिन की जगह अब 5 साल में पूरी रकम जमा करवाने की छूट होगी। इससे पहले तीन साल के अंदर ही 10 प्रतिशत कंस्ट्रक्शन पेनाल्टी लगा दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब पांच साल करने पर विचार किया गया था लेकिन बाद में इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई थी।
बोर्ड को 2005 में लंबे समय चली कानूनी लड़ाई के बाद पार्श्वनाथ डेवेलपर्स से 123 एकड़ भूमि वापस मिली थी। इसके बाद से ही यहां कई साइट्स को डेवलप करने के लिए बोर्ड लगा हुआ है। इसी के तहत बोर्ड यहां एक होटल पीपीपी मोड में बनाने में लगा हुआ है। इसके लिए बोर्ड ने फाइल प्रशासक के पास भेज दी है। प्रशासक से अनुमति मिलते ही बोर्ड यहां होटल बनाने का काम करेगा।
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आईटी पार्क में होटल के ऑक्शन में असफल होने के बाद बोर्ड ने यहां टर्म एंड कंडीशंस में छूट देने का फैसला लिया था लेकिन इस संबंध में बोर्ड अभी कुछ फाइनल नहीं कर पाया है। छूट वाले प्रस्ताव के तहत फैसला लिया गया था कि जो भी बोलीदाता ऑक्शन में सफल होगा। उसे 90 दिन की जगह अब 5 साल में पूरी रकम जमा करवाने की छूट होगी। इससे पहले तीन साल के अंदर ही 10 प्रतिशत कंस्ट्रक्शन पेनाल्टी लगा दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब पांच साल करने पर विचार किया गया था लेकिन बाद में इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई थी।
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बोर्ड को 2005 में लंबे समय चली कानूनी लड़ाई के बाद पार्श्वनाथ डेवेलपर्स से 123 एकड़ भूमि वापस मिली थी। इसके बाद से ही यहां कई साइट्स को डेवलप करने के लिए बोर्ड लगा हुआ है। इसी के तहत बोर्ड यहां एक होटल पीपीपी मोड में बनाने में लगा हुआ है। इसके लिए बोर्ड ने फाइल प्रशासक के पास भेज दी है। प्रशासक से अनुमति मिलते ही बोर्ड यहां होटल बनाने का काम करेगा।
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