{"_id":"624b50614ae7a325210e823b","slug":"issue-of-release-of-sikh-prisoners-echoed-in-lok-sabha-panchkula-news-pkl4466666189","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा में गूंजा सिख बंदियों की रिहाई का मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा में गूंजा सिख बंदियों की रिहाई का मुद्दा
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब के सिख बंदियों की रिहाई का मुद्दा सोमवार को लोकसभा में फिर गूंजा। शिअद नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने सिख बंदियों की रिहाई को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विभिन्न अपराधों में जेलों में बंद सिख बंदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, इसके बाद भी उनकी रिहाई में सरकार क्यों देरी कर रही है।
दविंदर पाल भुल्लर सहित 12 सिख बंदियों की रिहाई को लेकर लगातार पंजाब से मांग उठती रहती है। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिख कैदियों की रिहाई के लिए कई सिख संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
शिरोमणि अकाली दल की ओर से भी दविंदर पाल भुल्लर सहित अन्य बंदियों की रिहाई की मांग की गई। पंजाब की हवारा कमेटी, पूर्व पंच प्यारे अकाल तख्त, सिख यूथ फेडरेशन, श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी, अकाल यूथ आदि संगठन भी सिख बंदियों रिहाई की मांग करते आ रहे हैं। अब चुनाव के बाद शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया है। शिअद सांसद ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जब सिख बंदियों ने अपनी-अपनी सजा पूरी कर ली है तो फिर उनकी रिहाई सरकार क्यों नहीं सुनिश्चित का रही है। कई बंदी जेल में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी हालत और खराब हो रही है। सरकार पूरी तरह से बंदियों को रिहा नहीं करके मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है। सरकार को जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
दविंदर पाल भुल्लर सहित 12 सिख बंदियों की रिहाई को लेकर लगातार पंजाब से मांग उठती रहती है। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिख कैदियों की रिहाई के लिए कई सिख संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
शिरोमणि अकाली दल की ओर से भी दविंदर पाल भुल्लर सहित अन्य बंदियों की रिहाई की मांग की गई। पंजाब की हवारा कमेटी, पूर्व पंच प्यारे अकाल तख्त, सिख यूथ फेडरेशन, श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी, अकाल यूथ आदि संगठन भी सिख बंदियों रिहाई की मांग करते आ रहे हैं। अब चुनाव के बाद शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया है। शिअद सांसद ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जब सिख बंदियों ने अपनी-अपनी सजा पूरी कर ली है तो फिर उनकी रिहाई सरकार क्यों नहीं सुनिश्चित का रही है। कई बंदी जेल में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उनकी हालत और खराब हो रही है। सरकार पूरी तरह से बंदियों को रिहा नहीं करके मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है। सरकार को जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन