फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Is facing the brunt of family life

वंश झेल रहा है जिंदगी का दंश

Thu, 10 Oct 2013 01:45 AM IST
सर्वेश कुमार, पंचकूला
सर्वेश कुमार, पंचकूला Updated Thu, 10 Oct 2013 01:45 AM IST
विज्ञापन
Is facing the brunt of family life
डेढ़ साल के मासूम की किलकारियां सुनकर मां उसे गोद में उठा लेती है। उसे गले से लगाकर दुलराती है, लेकिन मासूम को नहीं पता वह किस गंभीर बीमारी से गुजर रहा है।
विज्ञापन


डेढ़ वर्षीय मासूम वंश को शुरूआत से ही देखने में दिक्कत आ रही थी। मां और पिता को जब इसकी भनक लगी तो वह आनन फानन अपने लाल को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के लिए ले गए।
विज्ञापन


डॉक्टरों ने उसकी एक आंख की सर्जरी की। गरीब मां, पिता को उम्मीद जागी कि उनका लाल अब देखने लगेगा, लेकिन स्थित इसके उलट रही और उस आंख की रोशनी जाती रही। बल्कि, अब दूसरी आंख से भी देखने में दिक्कत आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि रेटिनोब्लास्टोमा, रेटना यानि आंखों के पर्दें में होने वाला कैंसर है। इसकी मुख्य वजह अनुवांशिक हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



राजीव कालोनी निवासी वंश पीजीआई में जन्म से उपचाराधीन है। 16 सितंबर को डॉक्टरों ने उसकी एक आंख की सर्जरी की थी। माता-पिता को चिंता सता रही है कि उसे एक आंख की रोशनी चली गई, लेकिन कहीं अब दूसरी आंख से भी दिखाई देना बंद न हो जाए।

दादा बलवंत सिंह ने कहा कि उन्हें आंखों से नहीं दिखाई देने का उस वक्त पता चला जब बार-बार इशारे करने के बाद भी उससे कोई संकेत नहीं मिले। पिता तिलकराज ने कहा कि आंखों से नहीं दिखने की वजह से उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के वरिष्ठ डॉक्टर एमआर डोगरा के मुताबिक रेटिना में होने वाले कैंसर की अनुवांशिक वजह के अलावा कुछ और कारण हो सकते हैं।


लेकिन, समय रहते अगर इसकी पहचान कर ली जाती है तो इलाज संभव है। अगर, दोनों आंखों में इस तरह की समस्या है तो 70-80 फीसदी अनुवांशिक कारण हैं।

डॉ. डोगरा के मुताबिक, साल में करीब 40 ऐसे मामले पीजीआई में आते हैं, जिससे बच्चे सर्वाधिक पीड़ित हो रहे हैं। इसके बचाव के लिए जरूरी है कि शुरुआती दौर में इसका इलाज कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed