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Panchkula News: सिविल अस्पताल में बेड तो दूर, स्ट्रेचर भी नहीं मिल रहा, व्हील चेयर पर चढ़ाया जा रहा ग्लूकोज
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पंचकूला। सिविल अस्पताल में इलाज की सुविधा के दावे भले ही किए जा रहे हों लेकिन धरातल पर हालात ठीक नहीं हैं। मौसम में बदलाव के चलते बुखार और डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। मरीजों की इमरजेंसी में संख्या अधिक हो जाने पर लोगों को स्ट्रेचर और बेड नहीं मिल पा रहा है। एक बेड पर दो मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसके अलावा व्हील चेयर पर भी लोगों को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। अस्पताल में पंचकूला के अलावा चंडीगढ़, जीरकपुर और हिमाचल के मरीज भी इलाज के लिए आ रहे हैं।
सिविल अस्पताल में रोजाना पांच हजार मरीजोंं की ओपीडी है। अस्पताल में रोजाना करीब 20 मरीज डायरिया के आ रहे हैं। इस कारण इमरजेंसी में ग्लूकोज चढ़ाने के लिए बेड और स्ट्रेचर फुल हो जाते हैं। इस कारण मरीजों को बेड और स्ट्रेचर में भी दिक्कत आ रही है।
स्ट्रेचर नहीं मिला, व्हीलचेयर पर चढ़ा है ग्लूकोज
मुझे दो दिन पहले बुखार आया। बुखार आने के बाद लूज मोशन भी शुरू हो गए। इसके बाद अस्पताल ग्लूकोज चढ़वाने के लिए आई। बेड मिलना तो दूर स्ट्रेचर भी नहीं मिला और व्हील चेयर पर ग्लूकोज चढ़ाया गया। इस कारण परेशानी हुई। -मालिती देवी, खड़क मंगोली
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एक बेड पर हो रहा दो मरीजों का इलाज
अस्पताल में इमरजेंसी में एक बेड पर दो मरीज हैं। डायरिया की शिकायत के बाद अस्पताल आई हूं। इलाज में अलग बेड नहीं मिला। -सोना देवी, सेक्टर-15
वायरल का इंफेक्शन फैलने का डर
मैं बुखार के बाद इलाज कराने के लिए अस्पताल आई हूं। एक ही बेड पर दो मरीज हैं। इस कारण वायरल इंफेक्शन फैलने का डर सता रहा है। प्लेटलेट्स कम होने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है और ग्लूकोज एक ही बेड पर दो लोगों को चढ़ाया जा रहा है। -गायत्री देवी, सेक्टर -15
मौसम में बदलाव के बाद इमरजेंसी और ओपीडी में वायरल बुखार और डायरिया के मरीज इलाज के लिए मरीज आ रहे हैं। सभी की जांच के बाद जो भी मरीज भर्ती करने की स्थिति में होते हैं उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी में स्ट्रेचर और बेड जल्द ही बढ़ाए जाएंगे। -डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल
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सिविल अस्पताल में रोजाना पांच हजार मरीजोंं की ओपीडी है। अस्पताल में रोजाना करीब 20 मरीज डायरिया के आ रहे हैं। इस कारण इमरजेंसी में ग्लूकोज चढ़ाने के लिए बेड और स्ट्रेचर फुल हो जाते हैं। इस कारण मरीजों को बेड और स्ट्रेचर में भी दिक्कत आ रही है।
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स्ट्रेचर नहीं मिला, व्हीलचेयर पर चढ़ा है ग्लूकोज
मुझे दो दिन पहले बुखार आया। बुखार आने के बाद लूज मोशन भी शुरू हो गए। इसके बाद अस्पताल ग्लूकोज चढ़वाने के लिए आई। बेड मिलना तो दूर स्ट्रेचर भी नहीं मिला और व्हील चेयर पर ग्लूकोज चढ़ाया गया। इस कारण परेशानी हुई। -मालिती देवी, खड़क मंगोली
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एक बेड पर हो रहा दो मरीजों का इलाज
अस्पताल में इमरजेंसी में एक बेड पर दो मरीज हैं। डायरिया की शिकायत के बाद अस्पताल आई हूं। इलाज में अलग बेड नहीं मिला। -सोना देवी, सेक्टर-15
वायरल का इंफेक्शन फैलने का डर
मैं बुखार के बाद इलाज कराने के लिए अस्पताल आई हूं। एक ही बेड पर दो मरीज हैं। इस कारण वायरल इंफेक्शन फैलने का डर सता रहा है। प्लेटलेट्स कम होने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है और ग्लूकोज एक ही बेड पर दो लोगों को चढ़ाया जा रहा है। -गायत्री देवी, सेक्टर -15
मौसम में बदलाव के बाद इमरजेंसी और ओपीडी में वायरल बुखार और डायरिया के मरीज इलाज के लिए मरीज आ रहे हैं। सभी की जांच के बाद जो भी मरीज भर्ती करने की स्थिति में होते हैं उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की इमरजेंसी में स्ट्रेचर और बेड जल्द ही बढ़ाए जाएंगे। -डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल