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Panchkula News: नागरिक अस्पताल में नहीं इम्यूनोग्लोबुलिन, इंजेक्शन लगवाने चंडीगढ़ के चक्कर लगाते हैं लोग

Tue, 02 Jul 2024 06:25 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 06:25 AM IST
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Immunoglobulin not available in civil hospital, people travel to Chandigarh to get injections
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। कुत्तों के काटने के मामले बढ़ने से लोगों में नाराजगी के साथ दहशत है। जिले में एक साल में करीब चार हजार लोगों को लावारिस कुत्ते काट चुके हैं। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 में रैबिज का इंजेक्शन तो लगा दिया जाता है, लेकिन घाव पर लगने वाला इंजेक्शन इम्यूनोग्लोबुलिन लगवाने के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-19 जाना पड़ता है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग का करोड़ों रुपये का बजट होने और पंचकूला में प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद भी यहां इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होना लोगों को परेशान करता है। शहर के हितैषी फाउंडेशन ने केंद्र और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से मांग की है कि इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन नागरिक अस्पताल में भी उपलब्ध करवाया जाए ताकि लोगों को चंडीगढ़ जाना ना पड़े।
हितैषी फाउंडेशन के अध्यक्ष भारत हितैषी ने बताया कि पंचकूला में कुत्तों के काटने के रोजाना 30 से 60 मामले आते हैं। लोगों के शरीर पर कुत्ते के काटने से गंभीर जख्म होता है। एंटी रैबीज इंजेक्शन तो अस्पताल में लग जाता है, लेकिन जख्म पर इंजेक्शन लगवाने के लिए चंडीगढ़ सेक्टर-19 की डिस्पेंसरी में जाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग इस इंजेक्शन की कीमत का हवाला देकर एक सेंटर ही बनाने की बात कर रहा है, लेकिन जब केंद्र सरकार इंजेक्शन निशुल्क या नाममात्र राशि में उपलब्ध करवा रही है, तो पंचकूला में एक अलग सेंटर क्यों नहीं बनाया जाता। भारत हितैषी ने बताया कि जिले के लोग लावारिस कुत्तों के खौफ में जी रहे हैं। गली, शहर में कुत्ते लोगों की मुसीबत बने हैं। बड़ी संख्या में लोग इसके शिकार हो रहे हैं। एक साल में लावारिस कुत्ते करीब चार हजार लोगों को काट चुके हैं।
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फाउंडेशन के संरक्षक बीएम कौशिक और मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा, मुख्य सलाहकार प्रो. बीके गुप्ता ने बताया कि लोगों को सैर करते समय कुत्ते अपना शिकार बना लेते हैं। जब वे नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पहुंचते हैं, तो उन्हें कुत्ते के काटने के बाद लगने वाला इंजेक्शन और साथ ही दर्द का इंजेक्शन लगा दिया जाता है। नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 में जख्म पर लगाने वाला इंजेक्शन ही उपलब्ध नहीं है। इस इंजेक्शन के लिए सेक्टर-19 चंडीगढ़ की डिस्पेंसरी जाना पड़ता है। हितैषी फाउंडेशन के अध्यक्ष भारत हितैषी ने केंद्र और हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से मांग की है कि इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन पंचकूला के नागरिक अस्पताल में भी उपलब्ध करवाया जाए ताकि लोगों को चंडीगढ़ जाना ना पड़े।
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हितैषी फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक डाॅक्टर एस कुमार, मार्गदर्शक अमित गुप्ता, जीडी बत्रा, तरसेम गर्ग, कुसुम अरोड़ा, दिनेश सिंगला, शिव कुमार वर्मा ने बताया कि पंचकूला के लोगों के लिए लावारिस कुत्तों का खतरा हर साल बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि दिसंबर 2018 में पंचकूला के गांव सुखदर्शनपुर में करीब चार करोड़ की लागत से एक कैनल हाउस बनाया गया। यहां कुत्तों की नसबंदी करने के बाद कानून के अनुसार वापस उसी जगह पर छोड़ना होता है, जहां से उनको उठाते हैं। नतीजतन लोगों का खतरा कम नहीं हो पाता।
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