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हरियाणा सीएम आवास के बाहर का मार्ग आम लोगों के लिए खुला तो पंजाब सीएम का बंद क्यों : हाईकोर्ट

Fri, 17 Nov 2023 12:37 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Nov 2023 12:37 AM IST
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If the road outside Haryana CM's residence is open for common people then why is Punjab CM's closed: High Court
चंडीगढ़। पंजाब मुख्यमंत्री आवास के बाहर का मार्ग आम लोगों के लिए बंद करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। सुरक्षा कारणों की दलील पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन व पंजाब सरकार से पूछा है कि जब हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास के बाहर का मार्ग आम लोगों के लिए खुला है तो पंजाब के लिए अलग प्रावधान क्यों है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मेट्रो प्रोजेक्ट में देरी पर प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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ट्राइसिटी और खास तौर पर चंडीगढ़ में बढ़ती जनसंख्या के साथ पैदा हुई ट्रैफिक, हरियाली व अन्य समस्याओं पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इन विषयों पर सुनवाई का निर्णय लिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह शहर जिसे सिटी ब्यूटीफुल के नाम से जाना जाता है बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक के कारण अपने नाम का अर्थ खोता जा रहा है। शहर को बसाते हुए यह नहीं सोचा गया था कि 5 लाख की आबादी वाली सोच गलत साबित होगी और आंकड़ा इससे कई गुना ज्यादा हो जाएगा। पंचकूला और मोहाली का दबाव भी चंडीगढ़ को झेलना पड़ रहा है।
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कोर्ट को बताया गया कि पंजाब मुख्यमंत्री आवास के बाहर का मार्ग बंद होने के चलते लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन से जवाब मांगा तो बताया गया कि सुरक्षा कारणों से सड़क आम लोगों के लिए बंद है। हाईकोर्ट ने कहा कि कैसे सड़क को आम लोगों के लिए बंद किया जा सकता है जबकि हरियाणा सीएम आवास के सामने का मार्ग आम लोगों के लिए खुला है। पंजाब के मुख्यमंत्री आवास के सामने तो 100 फुट की ग्रीन बेल्ट भी मौजूद है बावजूद इसके सड़क बंद करना कैसे ठीक है।
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मेट्रो में देरी पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

हाईकोर्ट ने कहा कि शहर में जिस तेजी से यातायात बढ़ रहा है उसे देखते हुए इसका विकल्प तलाशना आज की जरूरत है। मेट्रो को मंजूरी मिले लंबा समय बीत गया है लेकिन इतनी अहम होने के बावजूद इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर को यदि कालका, परवाणु, यमुनानगर, अंबाला, पटियाला, नवांशहर और रोपड़ से मोनो रेल/मेट्रो रेल के माध्यम से जोड़ दें तो यह बहुत कारगर साबित होगा। यदि मेट्रो को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया गया तो बाद में हालात को संभालना मुश्किल होगा। आस-पास से बड़ी संख्या में लोग वाहनोंं से आते हैं और यदि उन्हें मेट्रो का विकल्प मिले तो शहर पर से ट्रैफिक का बोझ काफी हद तक कम होगा।


मास्टर प्लान के अनुसार शहर से ट्रैफिक कम करने के लिए किया जाए काम

हाईकोर्ट ने कहा कि मास्टर प्लान के अनुसार शहर से ट्रैफिक को कम करना बहुत जरूरी है। इस दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए है। सड़कों से ट्रैफिक कम करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। अगली सुनवाई पर यूटी प्रशासन को हाईकोर्ट ने मास्टर प्लान के अनुसार ट्रैफिक घटाने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है।
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