सीएम मनोहर लाल बोले- चौटाला अगर इतने बड़े भविष्यवक्ता तो आज जहां हैं वहां न होते
बरोदा उपचुनाव के बाद सरकार टूटने व मध्यावधि चुनाव का दावा कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री व इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि चौटाला अगर इतने बड़े भविष्यवक्ता हैं तो आज जहां हैं, वहां न होते। उनकी हालत भी ऐसी न होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरोदा उपचुनाव बड़े-बड़े दावे करने वालों को आईना दिखा देगा। उनकी सरकार की तरह हम काम नहीं करते। हमारी कार्यप्रणाली साफ-सुथरी व पारदर्शी है। सरकार के कार्य का मूल्यांकन जनता करती है व बरोदा में भी वही करेगी।
कृषि कानूनों पर जो सरकार सहयोगी सहमत नहीं हैं, उनको भी समझा लेंगे। जोगी राम सिहाग भी उनमें शामिल हैं। जजपा के अन्य सहयोगी भी कृषि कानूनों के लाभ सामने आने पर इनसे इत्तफाक रखेंगे। कृषि कानूनों के लाभ व हानियां किसी के कहने से सिद्ध नहीं होंगी। कानूनों में किसान हित की सभी बातें शामिल हैं।
राज्य सरकार ने खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया को सुचारु व सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। पहली बार मक्का की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इससे पूर्व, बाजरे की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई थी। अब तक धान व अन्य फसलों के भुगतान के लिए 1000 करोड़ रुपये सरकार ने जारी किए हैं।
किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हरियाणा के किसानों का हित है और इसके लिए ही सबसे पहले मंडियों में प्रदेश के किसानों की फसलों की खरीद की जा रही।
अन्य राज्यों के किसानों को अपनी उपज हरियाणा की मंडियों में लाने से पहले पंजीकरण करवाना होगा चाहे वह आढ़तियों के माध्यम से हो या अपने स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि पंजाब व राजस्थान सरकार भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद करें ताकि वहां के किसानों को हरियाणा में आना ही न पड़े। वहां कांग्रेस की सरकार हैं, उन्हें हिम्मत दिखानी।