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Panchkula News: मुझ पर चुनाव लड़ने का दबाव डाला गया था ः राजेवाल
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चंडीगढ़। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा है कि वह 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे लेकिन उन पर दबाव डालकर चुनाव लड़ने को मजबूर किया गया।
रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने उक्त खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव दबाव में आकर लड़ा था, अन्यथा उनकी चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं थी। पहले तो उन्हें चुनाव लड़ने को कहा गया और बाद में नाम वापस लेने के लिए कहा गया। राजेवाल ने कहा- ‘मुझे टिकट वितरण और चुनाव के दौरान एजेंडा तय करने के बारे में कुछ पता नहीं था। उस समय मैं जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था, तो मेरे पीछे संयुक्त समाज मोर्चा का एक बड़ा बोर्ड लगा दिया गया, जिसके बारे में भी मुझे उस समय भी कुछ नहीं बताया गया था।’
राजेवाल ने कहा कि संयुक्त समाज मोर्चा बनाने वाले लोग अब किसानों की मांगों और किसानों से दूर भाग चुके हैं। उन्होंने सरकार के कभी कोई लाभ नहीं लिया और न ही उन्होंने कभी कोई पद हासिल किया। वह हमेशा किसानों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और किसानों से ही जुड़े रहेंगे।
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गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के 32 घटक किसान संगठनों में से 12 संगठनों को छोड़ बाकी सभी संयुक्त समाज मोर्चा के बैनर तले विधानसभा चुनाव में उतरे थे। हालांकि संयुक्त समाज मोर्चा एक भी सीट नहीं जीत सका और उसके सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी।
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रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने उक्त खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव दबाव में आकर लड़ा था, अन्यथा उनकी चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं थी। पहले तो उन्हें चुनाव लड़ने को कहा गया और बाद में नाम वापस लेने के लिए कहा गया। राजेवाल ने कहा- ‘मुझे टिकट वितरण और चुनाव के दौरान एजेंडा तय करने के बारे में कुछ पता नहीं था। उस समय मैं जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था, तो मेरे पीछे संयुक्त समाज मोर्चा का एक बड़ा बोर्ड लगा दिया गया, जिसके बारे में भी मुझे उस समय भी कुछ नहीं बताया गया था।’
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राजेवाल ने कहा कि संयुक्त समाज मोर्चा बनाने वाले लोग अब किसानों की मांगों और किसानों से दूर भाग चुके हैं। उन्होंने सरकार के कभी कोई लाभ नहीं लिया और न ही उन्होंने कभी कोई पद हासिल किया। वह हमेशा किसानों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और किसानों से ही जुड़े रहेंगे।
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गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के 32 घटक किसान संगठनों में से 12 संगठनों को छोड़ बाकी सभी संयुक्त समाज मोर्चा के बैनर तले विधानसभा चुनाव में उतरे थे। हालांकि संयुक्त समाज मोर्चा एक भी सीट नहीं जीत सका और उसके सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी।