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टी-सीरीज को बड़ी राहत: फिल्म पर लगी रोक हटी, हाईकोर्ट ने कहा- मानवीय व्यवहार कॉपीराइट की श्रेणी में नहीं आता
Fri, 01 Mar 2024 10:55 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2024 10:55 AM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि मानवीय व्यवहार कॉपीराइट की श्रेणी में नहीं आता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने लुधियाना की अदालत का आदेश रद्द कर दिया और फिल्म के रिलीज का रास्ता साफ कर दिया है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऑनर किलिंग को लेकर सच्ची घटना पर आधारित फिल्म डियर जस्सी को रिलीज करने का रास्ता साफ करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना की अदालत के फिल्म के प्रदर्शन पर रोक के आदेश को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने टी-सीरीज की ओर से दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि मानवीय व्यवहार कॉपीराइट की श्रेणी में नहीं आता है।
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याचिका दाखिल करते हुए टी सीरीज ने बताया था कि कनाडा के एक लेखक ने ऑनर किलिंग पर किताब लिखी थी। इस लेखक से कंपनी ने पांच हजार कैनेडियन डॉलर में कॉपीराइट खरीदा था। फिल्म बन कर तैयार हो गई और उनका काफी पैसा इस पर लग गया और इसी बीच मोहाली की ड्रीम लाइन रिएलिटी मूवी कंपनी ने इस कहानी पर अपना कॉपीराइट बताते हुए लुधियाना की अदालत में केस दाखिल कर दिया। अदालत ने कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी।
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कंपनी का दावा था कि उन्होंने जस्सी के पति से कॉपीराइट लिया है। इसके खिलाफ टी-सीरीज ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने कहा कि मानवीय व्यवहार कॉपीराइट की श्रेणी में नहीं आता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने लुधियाना की अदालत का आदेश रद्द करते हुए फिल्म के रिलीज का रास्ता साफ कर दिया है।
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