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हुडा ने लगाया खुला दरबार, लोग बोले, अधिकारी करते हैं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:51 AM IST
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हुडा ने लगाया खुला दरबार
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के खुले दरबार में जहां एक ओर समस्याओं का निपटारा हो रहा था, वहीं आम जनता अपनी भड़ास भी निकाल रही थी। हुडा के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता किस तरह त्रस्त है इसका खुलासा भी खुले दरबार में होने लगा है। एनओसी, कंपलीशन सर्टिफिकेट के लिए भटकने वालों के साथ लाखों रुपये के प्लाट पर करोड़ों रुपये की पेनल्टी लगाने के मामले खुले दरबार में सामने आ रहे हैं। हुडा के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में शनिवार को खुला दरबार लगाया गया। इस दरबार में शनिवार को 35 शिकायतें आईं। जिनमें से ज्यादातर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। खुले दरबार में हुडा प्रशासक हरदीप सिंह और इस्टेट आफिसर हुडा मनीष लोहान के साथ एसडीओ आदि मौजूद रहे।
केस नंबर-1
ओसी के लिए पंद्रह साल से भटक रहे
पंचकूला सेक्टर-5 के सिटी सेंटर में एससीओ नंबर 83 के ओनर ए गुलाटी पंद्रह साल से आक्यूपेशन सर्टिफिकेट के लिए भटक रहे हैं। यह प्लाट वर्ष 2000 में रिस्टोर हुआ। इसके लिए हुडा ने जो डिमांड की वह ए गुलाटी ने जमा करवा दी। ए गुलाटी ने बताया कि करीब 25 लाख रुपये की राशि जमा करवाई गई और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लिया। इसके बाद मैैप पास करवाया और कंसेंट लेने के बाद एससीओ तैयार करवा लिया गया। इसके बाद ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के लिए जूनियर इंजीनियर आए और 1250 रुपये की पेनल्टी लगाई गई। उसको भी जमा करवा दिया गया। गुलाटी ने बताया कि जब वह ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट लेने के लिए पहुंचे तो कंप्यूटर में उन पर नौ करोड़ रुपये की पेनल्टी लगी दिखाई दी। पंद्रह साल से वह इसी को लेकर परेशान हैं। सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं पर यह कोई नहीं बता रहा कि यह पेनल्टी कैसे लगा दी गई। इस मामले में हुडा प्रशासक हरदीप सिंह ने कहा कि वह पंद्रह दिन के भीतर मामले को हल करवाएंगे।
केस नंबर-2
दो माह में नहीं मिली एनओसी
पंचकूल सेक्टर-21 निवासी दलजीत सिंह ने बताया कि वह फिल्म प्रोड्यूसर हैं। दो माह हो गए प्लाट की एनओसी अब तक नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उन्होंने 15 अप्रैल को एनओसी के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक एनओसी नहीं दी गई। इस मामले में भी हुडा प्रशासक हरदीप सिंह ने कहा कि इसी सप्ताह उनके मामले का निपटारा हो जाएगा। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं।
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केस नंबर-3
प्लाट कंपलीट फिर भी पॉलिसी में कवर
सेक्टर-26 रेजीडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के एचके गुलाटी ने कहा कि हुडा द्वारा वर्ष 2009 में एक्सटेंशन की पॉलिसी बनाई गई। इस पॉलिसी के अंतर्गत 15 साल का समय दिया गया। जिसमें दो साल फ्री और सिके बाद 13 वर्ष तक प्रति वर्ष एक्सटेंशन फीस के साथ फीस जमा करनी थी। जिन लोगों ने इस पॉलिसी के अंतर्गत अपने प्लाट कंपलीट कर लिए तो उनके ऊपर भी हुडा ने वर्ष 2013 एक्सटेंशन पॉलिसी को लागू कर दिया। गुलाटी ने कहा कि जिन्होंने अपनी बिल्डिंग कंपलीट कर ली उनको कैसे इसमें कवर किया जा सकता है। इस मामले में हुडा प्रशासक हरदीप सिंह ने एचके गुलाटी को सोमवार को बुलाया है।
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केस नंबर-1
ओसी के लिए पंद्रह साल से भटक रहे
पंचकूला सेक्टर-5 के सिटी सेंटर में एससीओ नंबर 83 के ओनर ए गुलाटी पंद्रह साल से आक्यूपेशन सर्टिफिकेट के लिए भटक रहे हैं। यह प्लाट वर्ष 2000 में रिस्टोर हुआ। इसके लिए हुडा ने जो डिमांड की वह ए गुलाटी ने जमा करवा दी। ए गुलाटी ने बताया कि करीब 25 लाख रुपये की राशि जमा करवाई गई और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लिया। इसके बाद मैैप पास करवाया और कंसेंट लेने के बाद एससीओ तैयार करवा लिया गया। इसके बाद ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के लिए जूनियर इंजीनियर आए और 1250 रुपये की पेनल्टी लगाई गई। उसको भी जमा करवा दिया गया। गुलाटी ने बताया कि जब वह ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट लेने के लिए पहुंचे तो कंप्यूटर में उन पर नौ करोड़ रुपये की पेनल्टी लगी दिखाई दी। पंद्रह साल से वह इसी को लेकर परेशान हैं। सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं पर यह कोई नहीं बता रहा कि यह पेनल्टी कैसे लगा दी गई। इस मामले में हुडा प्रशासक हरदीप सिंह ने कहा कि वह पंद्रह दिन के भीतर मामले को हल करवाएंगे।
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केस नंबर-2
दो माह में नहीं मिली एनओसी
पंचकूल सेक्टर-21 निवासी दलजीत सिंह ने बताया कि वह फिल्म प्रोड्यूसर हैं। दो माह हो गए प्लाट की एनओसी अब तक नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उन्होंने 15 अप्रैल को एनओसी के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक एनओसी नहीं दी गई। इस मामले में भी हुडा प्रशासक हरदीप सिंह ने कहा कि इसी सप्ताह उनके मामले का निपटारा हो जाएगा। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं।
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केस नंबर-3
प्लाट कंपलीट फिर भी पॉलिसी में कवर
सेक्टर-26 रेजीडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के एचके गुलाटी ने कहा कि हुडा द्वारा वर्ष 2009 में एक्सटेंशन की पॉलिसी बनाई गई। इस पॉलिसी के अंतर्गत 15 साल का समय दिया गया। जिसमें दो साल फ्री और सिके बाद 13 वर्ष तक प्रति वर्ष एक्सटेंशन फीस के साथ फीस जमा करनी थी। जिन लोगों ने इस पॉलिसी के अंतर्गत अपने प्लाट कंपलीट कर लिए तो उनके ऊपर भी हुडा ने वर्ष 2013 एक्सटेंशन पॉलिसी को लागू कर दिया। गुलाटी ने कहा कि जिन्होंने अपनी बिल्डिंग कंपलीट कर ली उनको कैसे इसमें कवर किया जा सकता है। इस मामले में हुडा प्रशासक हरदीप सिंह ने एचके गुलाटी को सोमवार को बुलाया है।