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Panchkula News: हिरासत में मौजूद कर्मी के खिलाफ कैसे पूरी हुई विभागीय जांच, पंजाब सरकार को फटकार

Wed, 07 Jun 2023 07:20 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jun 2023 07:20 PM IST
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How the departmental inquiry was completed against the personnel in custody, the Punjab government was reprimanded
जांच पूरी करने से पहले नहीं दिया गया पक्ष रखने का मौका, न्याय के सिद्धांत के खिलाफ
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कर्मचारी को बर्खास्त करने के आदेश को हाईकोर्ट ने किया सिरे से खारिज

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हत्या के मामले में पुलिस हिरासत में मौजूद कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच पूरी करने और इसके आधार पर उसे बर्खास्त करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि याची को पक्ष रखने का मौका नहीं मिला जो न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। कोर्ट ने बर्खास्त करने के आदेश को सिरे से खारिज करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

याचिका दाखिल करते हुए शीतल शर्मा ने बताया कि वह पंजाब सरकार की कर्मचारी थी और जूनियर असिस्टेंट के तौर पर कार्य कर रही थी। 11 मार्च 2020 को उसके खिलाफ हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी और 16 मार्च को उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद 30 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने तक वह हिरासत में ही थी। याची की गैर हाजिरी के चलते उसके खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू की और उसे चार्जशीट किया गया।
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इसके बाद याची के खिलाफ जांच की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उसे 12 मार्च 2020 से बर्खास्त कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में जांच के दौरान न्याय के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया। सरकार यह बताने में भी विफल रही कि कैसे उसे उसका पक्ष रखने का पर्याप्त मौका दिया गया। सरकार ने याची के खिलाफ जांच पूरी करने से पहले उसके जमानत पर बाहर आने का इंतजार तक नहीं किया।
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ऐसे में हाईकोर्ट ने याची को बर्खास्त करने के आदेश को दोषपूर्ण मानते हुए इस खारिज कर दिया। हालांकि अब विभाग को छूट दी है कि यदि वह याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करना चाहते हैं तो इसके लिए नए सिरे से प्रक्रिया पूरी कर आदेश जारी किया जा सकता है।
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