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Highcourt: वोट डालने के लिए अयोग्य व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए पात्र कैसे! HC ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
Thu, 03 Aug 2023 01:23 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Aug 2023 01:23 AM IST
सार
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि दोषी करार दिए गए और सजा पाने वाले किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए। ऐसा न करना संविधान में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से पूछा है कि आखिर कैसे जो व्यक्ति वोट डालने के लिए योग्य नहीं है उसे चुनाव लड़ने का अधिकार दिया जा सकता है।
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याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी गणेश खेमका ने कहा था कि किसी भी अपराध के दोषी और सजा पाने वाले सभी लोगों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया जाना चाहिए। याची ने कहा कि फिलहाल यह प्रावधान है कि जिस व्यक्ति को सजा मिलती है उसका वोट डालने का अधिकार तो छिन जाता है लेकिन वह चुनाव लड़ सकता है।
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सरकार ने 2013 में जनप्रतिनिधि एक्ट में संशोधन कर ऐसा प्रावधान कर दिया कि दोषी करार व्यक्ति वोट तो नहीं डाल सकता लेकिन चुनाव लड़ जरूर सकता है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि दोषी करार दिए गए और सजा पाने वाले किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए। ऐसा न करना संविधान में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन है। याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस पर आधारित खंडपीठ ने अब चुनाव आयोग से पूछा है कि कैसे अपराध करने वालों को वोट डालने का अधिकार नहीं है लेकिन चुनाव लड़ने का है।
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याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी गणेश खेमका ने कहा था कि किसी भी अपराध के दोषी और सजा पाने वाले सभी लोगों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया जाना चाहिए। याची ने कहा कि फिलहाल यह प्रावधान है कि जिस व्यक्ति को सजा मिलती है उसका वोट डालने का अधिकार तो छिन जाता है लेकिन वह चुनाव लड़ सकता है।
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सरकार ने 2013 में जनप्रतिनिधि एक्ट में संशोधन कर ऐसा प्रावधान कर दिया कि दोषी करार व्यक्ति वोट तो नहीं डाल सकता लेकिन चुनाव लड़ जरूर सकता है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि दोषी करार दिए गए और सजा पाने वाले किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए। ऐसा न करना संविधान में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन है। याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस पर आधारित खंडपीठ ने अब चुनाव आयोग से पूछा है कि कैसे अपराध करने वालों को वोट डालने का अधिकार नहीं है लेकिन चुनाव लड़ने का है।