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Panchkula News: सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए घंटों इंतजार
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इमरजेंसी मरीजों को नहीं मिल रही समय पर जांच, बाहर से टेस्ट कराने पर बढ़ रहा खर्च
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच समय पर नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को हो रही है, जिन्हें जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को एक सप्ताह बाद की तारीख मिलने के कारण बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने पर 700 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 100 मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। पर्ची बनवाने और नंबर लगवाने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है, जिससे दो से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाएं उसी अनुपात में उपलब्ध नहीं हैं।
इंदिरा कॉलोनी निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि पेट दर्द के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया था, लेकिन अस्पताल में नंबर नहीं मिला। मजबूरी में बाहर से जांच करवानी पड़ी। वहीं बरवाला निवासी सरिता ने बताया कि डॉक्टर ने सुबह बुलाया था, लेकिन बाद में दो दिन बाद आने को कहा गया, जिससे परेशानी बढ़ गई।
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खड़क मंगोली निवासी नितिन कुमार ने बताया कि लंबी लाइनों में इंतजार के बाद ही अल्ट्रासाउंड हो पा रहे हैं। गायनी और एमडी मेडिसिन ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जा रहा है, जिससे मशीनों पर दबाव बढ़ गया है।
आरएस चौहान ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से दबाव अधिक है। अल्ट्रासाउंड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी मरीजों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए और जांच के लिए बुलाए गए मरीजों को वापस न भेजा जाए।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच समय पर नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को हो रही है, जिन्हें जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को एक सप्ताह बाद की तारीख मिलने के कारण बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाने पर 700 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 100 मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। पर्ची बनवाने और नंबर लगवाने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है, जिससे दो से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाएं उसी अनुपात में उपलब्ध नहीं हैं।
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इंदिरा कॉलोनी निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि पेट दर्द के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया था, लेकिन अस्पताल में नंबर नहीं मिला। मजबूरी में बाहर से जांच करवानी पड़ी। वहीं बरवाला निवासी सरिता ने बताया कि डॉक्टर ने सुबह बुलाया था, लेकिन बाद में दो दिन बाद आने को कहा गया, जिससे परेशानी बढ़ गई।
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खड़क मंगोली निवासी नितिन कुमार ने बताया कि लंबी लाइनों में इंतजार के बाद ही अल्ट्रासाउंड हो पा रहे हैं। गायनी और एमडी मेडिसिन ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जा रहा है, जिससे मशीनों पर दबाव बढ़ गया है।
आरएस चौहान ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से दबाव अधिक है। अल्ट्रासाउंड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि इमरजेंसी मरीजों की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए और जांच के लिए बुलाए गए मरीजों को वापस न भेजा जाए।