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Panchkula News: हितैषी फाउंडेशन ने भिखारियों को नगद रुपये नहीं देने का अभियान चलाया
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-घर से गाड़ी में ही खाने का सामान रखेंगे और कोई भिखारी मांगेगा, तो दे देंगे
-कुछ नौजवान भिखारी बनकर चोरी की घटनाओं को दे चुके हैं अंजाम
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर में बढ़ रही भिखारियों की संख्या से निपटने एवं कानून व्यवस्था सुधारने के लिए सामाजिक संस्था हितैषी फाउंडेशन ने एक नया अभियान शुरू किया है। इसमें भिखारियों को नगद राशि देना बंद करने की शुरुआत की गई है।
सेक्टर 10 में फाउंडेशन के पदाधिकारियों की बैठक चेयरमैन भारत हितैषी की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रस्ताव रखा गया कि भिखारियों को नगद राशि न दी जाए, जिसका सभी ने समर्थन किया। चेयरमैन ने बताया कि पंचकूला में 2000 के करीब भिखारी हैं। शहर में बढ़ रहे अपराध और चोरी की घटनाओं को लेकर ऐसी पूरी आशंका है कि कहीं इन भिखारियों के वेश में आपराधिक तत्व न घूमते हों, जो मौका मिलने पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। भारत हितैषी ने बताया कि इन भिखारियों को जब भी रुपये के स्थान पर कुछ खाने का सामान देते हैं, तो वे लेते नहीं हैं या फिर लेने के बाद फेंक देते हैं।
फाउंडेशन के संरक्षक बीएम कौशिक, मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा और शिव कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ भिखारी भीख मांगनेे की आड़ में शहर के घरों की रेकी करते हैं और बाद में चोरी, छीना-झपटी एवं ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। मार्गदर्शक गुलशन गिरधर और तिलक राज कपूर ने कहा कि कई नौजवान भिखारी भीख मांगने के लिए घरों की घंटी बजाते हैं और कई बार घरों के आंगन में घुसकर बुजुर्ग महिलाओं को परेशान करते हैं।
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मुख्य संरक्षक डा. एस कुमार, केवल वशिष्ठ और आरके आहूजा ने कहा कि ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स पर रुके वाहनों में कीमती सामान व नगद राशि होती है, रुके हुए वाहनों में किसी भी समय भिखारियों के द्वारा चोरी की घटना हो सकती है।
इस मौके पर फाउंडेशन के सभी सदस्यों ने शपथ ली कि वे किसी भी भिखारी को भीख में एक रुपया भी नहीं देंगे और भीख में भोजन, बिस्किट और पानी ही देंगे।
संगठन मंत्री सुभाष शर्मा, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर बीके गुप्ता, मार्गदर्शक अमित गुप्ता, जीडी बत्रा, तरसेम गर्ग, दिनेश सिंगला, कुसुम अरोड़ा, एन के खोसला, सतीश गोयल, प्रमोद गोस्वामी ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी प्रकार के भिखारी चाहे वह बच्चा, युवा, जवान, वृद्ध, महिला या दिव्यांग हो, किसी को भी भीख में नगदी रुपये नहीं दें। भिखारी आपके घर के बाहर या किसी अन्य स्थान पर भीख मांगे तो उन्हें भोजन और पानी दें।
फाउंडेशन के संयोजक नरेश गलहोत्रा, प्रकल्प प्रभारी वजीर चंद गोयल, बी बी शर्मा, साधुराम गर्ग ने कहा कि यदि हम सभी मिलकर फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए ‘भीख में कैश नकदी देना बंद’ अभियान को एक आंदोलन का रूप दे दे देंगे तो भिखारियों के आपराधिक गिरोह टूट जाएंगे और बढ़ते आपराधिक मामलों की संख्या अवश्य कम होगी।
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-कुछ नौजवान भिखारी बनकर चोरी की घटनाओं को दे चुके हैं अंजाम
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर में बढ़ रही भिखारियों की संख्या से निपटने एवं कानून व्यवस्था सुधारने के लिए सामाजिक संस्था हितैषी फाउंडेशन ने एक नया अभियान शुरू किया है। इसमें भिखारियों को नगद राशि देना बंद करने की शुरुआत की गई है।
सेक्टर 10 में फाउंडेशन के पदाधिकारियों की बैठक चेयरमैन भारत हितैषी की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रस्ताव रखा गया कि भिखारियों को नगद राशि न दी जाए, जिसका सभी ने समर्थन किया। चेयरमैन ने बताया कि पंचकूला में 2000 के करीब भिखारी हैं। शहर में बढ़ रहे अपराध और चोरी की घटनाओं को लेकर ऐसी पूरी आशंका है कि कहीं इन भिखारियों के वेश में आपराधिक तत्व न घूमते हों, जो मौका मिलने पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। भारत हितैषी ने बताया कि इन भिखारियों को जब भी रुपये के स्थान पर कुछ खाने का सामान देते हैं, तो वे लेते नहीं हैं या फिर लेने के बाद फेंक देते हैं।
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फाउंडेशन के संरक्षक बीएम कौशिक, मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा और शिव कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ भिखारी भीख मांगनेे की आड़ में शहर के घरों की रेकी करते हैं और बाद में चोरी, छीना-झपटी एवं ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। मार्गदर्शक गुलशन गिरधर और तिलक राज कपूर ने कहा कि कई नौजवान भिखारी भीख मांगने के लिए घरों की घंटी बजाते हैं और कई बार घरों के आंगन में घुसकर बुजुर्ग महिलाओं को परेशान करते हैं।
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मुख्य संरक्षक डा. एस कुमार, केवल वशिष्ठ और आरके आहूजा ने कहा कि ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स पर रुके वाहनों में कीमती सामान व नगद राशि होती है, रुके हुए वाहनों में किसी भी समय भिखारियों के द्वारा चोरी की घटना हो सकती है।
इस मौके पर फाउंडेशन के सभी सदस्यों ने शपथ ली कि वे किसी भी भिखारी को भीख में एक रुपया भी नहीं देंगे और भीख में भोजन, बिस्किट और पानी ही देंगे।
संगठन मंत्री सुभाष शर्मा, मुख्य सलाहकार प्रोफेसर बीके गुप्ता, मार्गदर्शक अमित गुप्ता, जीडी बत्रा, तरसेम गर्ग, दिनेश सिंगला, कुसुम अरोड़ा, एन के खोसला, सतीश गोयल, प्रमोद गोस्वामी ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी प्रकार के भिखारी चाहे वह बच्चा, युवा, जवान, वृद्ध, महिला या दिव्यांग हो, किसी को भी भीख में नगदी रुपये नहीं दें। भिखारी आपके घर के बाहर या किसी अन्य स्थान पर भीख मांगे तो उन्हें भोजन और पानी दें।
फाउंडेशन के संयोजक नरेश गलहोत्रा, प्रकल्प प्रभारी वजीर चंद गोयल, बी बी शर्मा, साधुराम गर्ग ने कहा कि यदि हम सभी मिलकर फाउंडेशन द्वारा शुरू किए गए ‘भीख में कैश नकदी देना बंद’ अभियान को एक आंदोलन का रूप दे दे देंगे तो भिखारियों के आपराधिक गिरोह टूट जाएंगे और बढ़ते आपराधिक मामलों की संख्या अवश्य कम होगी।