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उच्च शिक्षा : सरकारी और गैर सरकारी विवि का बनेगा साझा केंद्र

Thu, 28 Oct 2021 07:30 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 07:30 PM IST
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Higher education: Government and non-government university will become a common center
उच्च शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में मानक सुधार के लिए शिक्षा का एक साझा केंद्र विकसित किया जाएगा। जिसमें शामिल सभी सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालय आपस में सूचना, ज्ञान, नए विचारों और बुनियादी ढांचे का आदान-प्रदान करेंगे। इसके अलावा ये संस्थाएं उद्योगों की मांग के अनुसार विद्यार्थियों को रोजगार के काबिल बनाने के लिए शिक्षा मुहैया करवाएंगी।
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उच्च शिक्षा और भाषा संबंधी मंत्री ने यह बात वीरवार को पंजाब भवन में राज्य की समूह यूनिवर्सिटियों के उप कुलपतियों के साथ बैठक के दौरान कही। बैठक राज्य की सभी यूनिवर्सिटियों से सुझाव लेने, उनकी समस्याएं जानने और उच्च शिक्षा के बारे एक साझा राय बनाने के लिए बुलाई गई थी। उच्च शिक्षा मंत्री ने समूह यूनिवर्सिटियों-कालेजों को सिलेबस की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा खास कर पंजाबी भाषा, सभ्याचार और खेल के साथ जोड़ने के लिए प्रयास करने के लिए कहा।
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उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए यह बड़ी चुनौती है कि सेना, अर्ध सैनिक बलों और पुलिस की भर्ती में पंजाबी नौजवान इस कारण अयोग्य हो जाते हैं, क्योंकि वह शारीरिक शिक्षा टेस्ट पास नहीं कर पाते। यह पंजाबियों के लिए बड़ी चुनौती है, इसलिए हमारी शिक्षा संस्थाओं को खेल के प्रति सजग माहौल सृजन करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने शिक्षा संस्थाओं में प्रसिद्ध के लिए गायकों-कलाकारों को बुलाकर लचर और हिंसक प्रवृत्ति वाले गानों को उत्साहित करने का नोटिस लेते हुए कहा कि नौजवानों को सही मार्गदर्शन देने वाले सभ्याचार को ही बढ़ावा देने के लिए प्रयास करने चाहिए।
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सिंह ने कहा कि औद्योगिक केंद्र की तरह शिक्षा का भी एक केंद्र होना चाहिए और इसमें सभी उच्च शिक्षा संस्थाओं को शामिल किया जाना चाहिए। इस क्षेत्र का सीधा संबंध हमारी मानवीय शक्ति के साथ है, जो हमारे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सोच चलाने के बजाय एक ही मंच पर साझा सोच बनाई जाए। हरेक की अपनी भूमिका है और अपना क्षेत्र है, परंतु उच्च शिक्षा में साझा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए साझा यत्न जरूरी है।

बैठक में उच्च शिक्षा और भाषा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार, डीपीआई (कालेज) परमजीत सिंह, सहायक डायरेक्टर (कालेज शिक्षा) डा. गुरदर्शन बराड़, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के उप कुलपति डा. जसपाल सिंह संधू और पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के उप कुलपति प्रो. अरविंद समेत समूह यूनिवर्सिटियों के उप कुलपति और प्रतिनिधि शामिल हुए।
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