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Panchkula News: आंगनबाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीद के टेंडर पर हाईकोर्ट की रोक
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चंडीगढ़। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने के लिए जारी किए गए 58.30 करोड़ रुपये के टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, पंजाब इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीआईसीटीसी) और सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस जारी किया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की पोषण योजना के तहत 28,515 स्मार्टफोन की खरीद का निर्णय लिया गया था। याचिका में कहा गया कि पहले रद्द किए गए टेंडर को दोबारा बहाल कर उसी कंपनी को अनुबंध देना नियमों के विपरीत है, इसलिए पूरी प्रक्रिया रद्द की जानी चाहिए। रिकॉर्ड के अनुसार पंजाब इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन ने पिछले वर्ष 27 जून को स्मार्टफोन खरीद के लिए टेंडर जारी किया था। 13 अक्तूबर को सबसे कम दर देने के आधार पर यह ठेका मेसर्स एसआईएसएल इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित कर दिया गया। टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी को सैमसंग गैलेक्सी ए16 फाइव जी मॉडल के फोन उपलब्ध कराने थे।
हालांकि कंपनी ने बाद में विभाग को सूचित किया कि निर्धारित मॉडल बाजार में उपलब्ध नहीं है और उसने उसी कीमत पर अधिक उन्नत स्पेसिफिकेशन वाले सैमसंग ए16 फाइव जी फोन देने का प्रस्ताव रखा। विभाग ने 31 अक्तूबर को इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए 7 नवंबर को ठेका रद्द कर दिया और उसी दिन नई टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। याचिका के अनुसार बाद में 5 जनवरी को बिना किसी पूर्व सूचना के दूसरी टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया और पहले रद्द किए गए टेंडर को बहाल करते हुए दोबारा उसी कंपनी को अनुबंध जारी कर दिया गया।
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इस निर्णय को अन्य बोलीदाता कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि यह न केवल टेंडर शर्तों का उल्लंघन है बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की पोषण योजना के तहत 28,515 स्मार्टफोन की खरीद का निर्णय लिया गया था। याचिका में कहा गया कि पहले रद्द किए गए टेंडर को दोबारा बहाल कर उसी कंपनी को अनुबंध देना नियमों के विपरीत है, इसलिए पूरी प्रक्रिया रद्द की जानी चाहिए। रिकॉर्ड के अनुसार पंजाब इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन ने पिछले वर्ष 27 जून को स्मार्टफोन खरीद के लिए टेंडर जारी किया था। 13 अक्तूबर को सबसे कम दर देने के आधार पर यह ठेका मेसर्स एसआईएसएल इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित कर दिया गया। टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी को सैमसंग गैलेक्सी ए16 फाइव जी मॉडल के फोन उपलब्ध कराने थे।
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हालांकि कंपनी ने बाद में विभाग को सूचित किया कि निर्धारित मॉडल बाजार में उपलब्ध नहीं है और उसने उसी कीमत पर अधिक उन्नत स्पेसिफिकेशन वाले सैमसंग ए16 फाइव जी फोन देने का प्रस्ताव रखा। विभाग ने 31 अक्तूबर को इस प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए 7 नवंबर को ठेका रद्द कर दिया और उसी दिन नई टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। याचिका के अनुसार बाद में 5 जनवरी को बिना किसी पूर्व सूचना के दूसरी टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया और पहले रद्द किए गए टेंडर को बहाल करते हुए दोबारा उसी कंपनी को अनुबंध जारी कर दिया गया।
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इस निर्णय को अन्य बोलीदाता कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि यह न केवल टेंडर शर्तों का उल्लंघन है बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।