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Panchkula News: केजरीवाल के खिलाफ समन आदेश जारी करने के निर्देश से हाईकोर्ट का इन्कार

Sun, 17 Mar 2024 02:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2024 02:52 AM IST
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High Court refuses to issue summon order against Kejriwal
चंड़ीगढ़। आईपीसी की धारा 124 ए की वैधता को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने की दलील देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल देशद्रोह के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन आदेश जारी करने की मांग स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है।
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पूर्व आईआरएस अधिकारी तरसेम लाल ने पठानकोट की अदालत को शिकायत दी थी कि केजरीवाल ने 2019 में एक ट्विट कर लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए प्रोत्साहित किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार केजरीवाल ने पुलवामा में सैनिकों पर हुए हमले को लेकर ट्वीट किया था कि पाकिस्तान और इमरान खान से पीएम मोदी मिले हुए है। जनवरी, 2023 में पठानकोट में न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इसे इस आधार पर खारिज कर दिया था कि सुप्रीमकोर्ट ने आईपीसी की धारा 124-ए पर रोक लगा दी है। एडिशनल सेशन जज ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ अपील भी खारिज कर दी थी।
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याचिका में आरोप लगाया गया कि केजरीवाल का बयान ट्वीट के माध्यम से पीएम मोदी की छवि खराब करने और सैनिकों को विद्रोह के लिए उकसाने या उन्हें अपने कर्तव्य से विमुख करने के इरादे से आया था। इस वजह से ट्रायल कोर्ट को मामले में सीएम केजरीवाल को तलब करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। तरसेम लाल ने ट्रायल कोर्ट को दैनिक आधार पर सुनवाई करने का निर्देश देने की भी मांग की है क्योंकि यह दिल्ली के एक विधायक और मुख्यमंत्री का मामला है जिसे तेजी से निपटाने की जरूरत है।
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मई 2022 में, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि आईपीसी की धारा 124ए के तहत 152 साल पुराने राजद्रोह कानून को तब तक स्थगित रखा जाना चाहिए जब तक कि केंद्र सरकार प्रावधान पर पुनर्विचार नहीं करती। एक अंतरिम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से यह भी आग्रह किया था कि वे पुनर्विचार के दौरान ऐसे किसी भी मामले में एफआईआर से बचें।
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