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जज की हत्या करवाने वाली डाक्टर की पैरोल हाईकोर्ट ने की खारिज

Fri, 25 Jun 2021 11:19 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:19 PM IST
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High Court denies parole to the doctor who killed the judge
चंडीगढ़। वर्ष 2005 में अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश विजय सिंह (चंडीगढ़ श्रम न्यायालय में पीठासीन अधिकारी) की हत्या करवाने की दोषी डॉ. रवदीप कौर को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पैरोल देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पैरोल सुधारवादी सिद्घांत का हिस्सा है और इसके लिए कोई दावा नहीं कर सकता।
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आरोप के अनुसार डॉ. रवदीप कौर ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश विजय सिंह की हत्या के लिए ग्रंथी मंजीत सिंह को 5 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद विजय सिंह की हत्या कर दी गई थी। पटियाला में नर्सिंग होम चलाने वाली याचिकाकर्ता रवदीप जज से प्यार करता थी। विजय सिंह शादीशुदा थे और उनकी तीन बेटियां थीं। इसके चलते वह विवाह नहीं कर सकी थी। बाद में 30 मार्च 2012 को रवदीप कौर और मंजीत सिंह दोनों को चंडीगढ़ की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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याची ने कहा कि पटियाला के जिला मजिस्ट्रेट ने उसकी पैरोल अर्जी को 3 सितंबर 2020 को रद्द कर दिया। मजिस्ट्रेट ने पैरोल के अनुरोध को गलत तरीके से अस्वीकार कर दिया है। उसे पैरोल से तभी इंकार किया जा सकता है जब उसकी रिहाई से सुरक्षा व्यवस्था को खतरा हो। इस दौरान न्यायालय को बताया गया कि वर्तमान में याची पटियाला की सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रही है। 6 दिसंबर, 2014 को उसे दो सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था और उसे 21 दिसंबर 2014 को आत्मसमर्पण करना था। तब उन्होंने देश से भागने का प्रयास किया और नेपाल सीमा पर फर्जी दस्तावेजों के साथ 4 फरवरी 2015 को गिरफ्तार की गई थी।
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पैरोल से इंकार कर सकता है राज्य
सभी पक्षों को सुनकर हाईकोर्ट ने कहा कि पैरोल सुधारवादी सिद्घांत का हिस्सा है न की किसी कैदी का अधिकार। ऐसे में किसी इसका लाभ देना है यह राज्य निर्धारित करता है। यदि राज्य चाहे तो उचित कारण बताकर पैरोल से इंकार कर सकता है।
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