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Panchkula News: अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, पंजाब के तीन जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में अवैध खनन के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को जालंधर, मोगा और लुधियाना जिलों में प्रभावी निगरानी रखने को कहा है। किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला इन तीन जिलों में बड़े स्तर पर कथित अवैध खनन से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका संदीप सिंह ने दायर की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अवैध खनन पर स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। पंजाब सरकार की ओर से जल संसाधन विभाग के खनन एवं भूविज्ञान प्रभाग के कार्यकारी अभियंताओं ने रिपोर्ट पेश की।
लुधियाना, जालंधर और मोगा से संबंधित यह रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद याचिकाकर्ता ने उसका जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार कर लिया।
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निगरानी और कार्रवाई :
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इन क्षेत्रों में किसी भी तरह का अवैध खनन न हो। यदि अवैध खनन की कोई घटना सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। अदालत ने पहले भी अधिकारियों से उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर अवैध खनन रोकने को कहा था। अब जालंधर, मोगा और लुधियाना में खनन गतिविधियों पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
आगामी कार्यवाही :
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आठ अक्तूबर के लिए निर्धारित की है। अदालत इस सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश की गई स्थिति रिपोर्ट पर विचार करेगी। याचिकाकर्ता संदीप सिंह की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब पर भी गौर किया जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
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यह मामला इन तीन जिलों में बड़े स्तर पर कथित अवैध खनन से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका संदीप सिंह ने दायर की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अवैध खनन पर स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। पंजाब सरकार की ओर से जल संसाधन विभाग के खनन एवं भूविज्ञान प्रभाग के कार्यकारी अभियंताओं ने रिपोर्ट पेश की।
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लुधियाना, जालंधर और मोगा से संबंधित यह रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद याचिकाकर्ता ने उसका जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार कर लिया।
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निगरानी और कार्रवाई :
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि इन क्षेत्रों में किसी भी तरह का अवैध खनन न हो। यदि अवैध खनन की कोई घटना सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। अदालत ने पहले भी अधिकारियों से उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर अवैध खनन रोकने को कहा था। अब जालंधर, मोगा और लुधियाना में खनन गतिविधियों पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
आगामी कार्यवाही :
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आठ अक्तूबर के लिए निर्धारित की है। अदालत इस सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश की गई स्थिति रिपोर्ट पर विचार करेगी। याचिकाकर्ता संदीप सिंह की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब पर भी गौर किया जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।