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एचएमटी कर्मियों के मकान खाली कराने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एचएमटी पिंजौर ट्रैक्टर प्लांट के कर्मचारियों को वेतन जारी न होने पर हैरानी जताते हुए केंद्र सरकार से बात कर इसका हल निकालने का एचएमटी प्रबंधन व अन्य को आदेश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार तथा एचएमटी प्रबंधन को नोटिस जारी कर कर्मियों को मकान खाली करने के साथ ही बिजली, पानी के बिल न भरने के चक्कर में कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर भी रोक लगा दी है।
2016 में एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को केंद्र सरकार ने अचानक बंद कर दिया था और ऐसे में कर्मचारियों को जबरन वीआरएस लेने पर मजबूर होना पड़ा था। 150 कर्मचारियों ने इसके खिलाफ ‘एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति’ के संरक्षक विजय बंसल की मदद से हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर दी थी। कई कर्मचारी अभी भी एचएमटी क्वार्टर में रह रहे हैं। याची ने बताया कि एक तरफ तो केंद्र सरकार व एचएमटी उन्हें वेतन नहीं दे रहे हैं और दूसरी ओर इन्हें बिजली व पानी के बिल भरने के लिए नोटिस दे दिया गया। नोटिस में साफ कर दिया गया है कि बिल का भुगतान न होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके साथ ही उनके मकान को भी खाली करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने एचएमटी के इन आदेशों पर रोक लगाते हुए केंद्र सहित अन्य प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
इस दौरान जब हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे सामने एक अजीब स्थिति बन गई है क्योंकि नियोक्ता कर्मचारी को वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है। हाईकोर्ट को एचएमटी ने बताया कि उन्हें केंद्र से पूरा फंड नहीं आ रहा है। हाईकोर्ट ने इसपर एचएमटी प्रबंधन को केंद्र सरकार से बात कर इसका हल निकालने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में बैठक में निकाले गए निष्कर्ष का ब्यौरा अगली सुनवाई पर सौंपना होगा।
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2016 में एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को केंद्र सरकार ने अचानक बंद कर दिया था और ऐसे में कर्मचारियों को जबरन वीआरएस लेने पर मजबूर होना पड़ा था। 150 कर्मचारियों ने इसके खिलाफ ‘एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति’ के संरक्षक विजय बंसल की मदद से हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर दी थी। कई कर्मचारी अभी भी एचएमटी क्वार्टर में रह रहे हैं। याची ने बताया कि एक तरफ तो केंद्र सरकार व एचएमटी उन्हें वेतन नहीं दे रहे हैं और दूसरी ओर इन्हें बिजली व पानी के बिल भरने के लिए नोटिस दे दिया गया। नोटिस में साफ कर दिया गया है कि बिल का भुगतान न होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके साथ ही उनके मकान को भी खाली करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने एचएमटी के इन आदेशों पर रोक लगाते हुए केंद्र सहित अन्य प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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इस दौरान जब हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे सामने एक अजीब स्थिति बन गई है क्योंकि नियोक्ता कर्मचारी को वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है। हाईकोर्ट को एचएमटी ने बताया कि उन्हें केंद्र से पूरा फंड नहीं आ रहा है। हाईकोर्ट ने इसपर एचएमटी प्रबंधन को केंद्र सरकार से बात कर इसका हल निकालने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में बैठक में निकाले गए निष्कर्ष का ब्यौरा अगली सुनवाई पर सौंपना होगा।
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