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Haryana: ऐतिहासिक इमारतों से अवैध अतिक्रमण हटाने का मामला, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Sat, 10 Dec 2022 08:30 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Dec 2022 08:30 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार महज ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को बचाने के झूठे दावे कर रही है। मामले की सुनवाई के दौरान भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने जवाब देने के लिए समय देने की मांग की।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
विस्तार
ऐतिहासिक इमारतों से अवैध अतिक्रमण हटाने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। पिछली सुनवाई पर हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि यहां रह रहे लोगों का अन्य जगहों पर पुनर्वास किया जाएगा। इसके लिए बजट भी तैयार है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में राज्य के किसी एक ऐतिहासिक स्थल पर नहीं बल्कि सभी ऐतिहासिक स्थलों पर सुनवाई होगी।
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इससे पहले कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार महज ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को बचाने के झूठे दावे कर रही है। मामले की सुनवाई के दौरान भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने जवाब देने के लिए समय देने की मांग की। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में हरियाणा सरकार को समय देते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी है। इस मामले में हरियाणा की कई ऐतिहासिक इमारतों और किलों में किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर हरियाणा सरकार और 6 जिलों के डीसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
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पुरातत्व विभाग ने हाईकोर्ट को बताया था कि डीसी हाईकोर्ट द्वारा जारी एक आदेश के तहत पुरातत्व व ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। हिसार, सिरसा, करनाल, गुरुर्ग्राम, पलवल, हिसार में पुरातत्व से जुड़ी कई इमारतें डीसी की लापरवाही के कारण संरक्षित नहीं हो रही हैं।
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