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हेमसा ने शिक्षा सदन के बाहर लंबित मांगों पर किया प्रदर्शन

Fri, 16 Apr 2021 01:22 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 16 Apr 2021 01:22 AM IST
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Hemsa demonstrated on the pending demands outside the education house
हेमता के सदस्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) ने शिक्षा सदन के बाहर लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने निदेशक द्वारा फरवरी मास में किए वादों को लागू नहीं करने पर लिखित में विरोध दर्ज करवाया। हेमसा का राज्य प्रतिनिधिमंडल राज्य वरिष्ठ उपप्रधान संदीप सांगवान के नेतृत्व में अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया से मिला।
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महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि 10 फरवरी को शिक्षा सदन पर प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर दो दौर की बातचीत के बाद भी निदेशक ने वादे के मुताबिक मांगों को लागू नहीं किया। बैठक के दौरान मांग की गई थी कि ऑनलाइन ट्रांसफर में लिपिकों का मानवीय आधार पर समायोजन किया जाएगा। इसके साथ वरिष्ठता की लिस्ट 15 दिन में अपडेट की जाए। एसीपी मामलों का समयबद्ध निपटान और आंकड़ा सहायक की प्रमोशन तीन दिन में किया जाए। असिस्टेंट, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और सुपरिंटेंडेंट के सभी खाली पदों पर प्रमोशन की कार्रवाई शुरू कर एक माह में प्रमोशन किया जाए। महिला लिपिकों की बिना किसी भेदभाव के सीसीएल स्वीकृत करने का वादा किया था। दो माह का समय बीतने के बाद भी अधिकारी एक भी वादे पर खरे नहीं उतरे। हेमसा ने वादाखिलाफी पर पत्र लिखकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
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हेमसा के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान सांगवान ने कहा कि हेमसा के सुझावों पर गंभीरता से विचार करने, प्रमोशन और वरिष्ठता इत्यादि मांगों पर किए वादों से संबंधित ब्रांच द्वारा एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए हैं। सांगवान ने कहा कि लंबे समय से फील्ड के लिपिकों से अन्याय किया जा रहा है। राज्य कमेटी ने शिक्षा सदन पर ही मीटिंग कर फैसला लिया कि पूर्ण हालात से शिक्षा मंत्री को पहले लिखित पत्र द्वारा अवगत करवाया जाएगा। यदि न्याय नहीं मिला तो प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिलकर शिकायत करेगा। प्रतिनिधिमंडल में रणबीर रोहिल्ला, मुकेश खर्ब, कमलजीत बख्तुआ, राजेश मोर, सावित्री व बलबीर कुम्हारिया शामिल रहे।
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