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मदद : कोरोना से अनाथ बच्चों को मिलेगी 1500 से 2500 की आर्थिक सहायता, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई की बैठक में दी गई जानकारी
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पंचकूला। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई की तरफ से अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एवं बाल सुरक्षा व संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी आरू वशिष्ठ ने बताया की बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के उच्च अधिकारियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के प्रति अवगत करवाना है। जिन बच्चों ने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता या पालन-कर्ता को खो दिया है, वे अनाथ हो गए हैं, उनको मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ा जा रहा है।
इस योजना के अंतर्गत जो बच्चा अनाथ है, उसका पालन-पोषण अपने घर में किया जा रहा है, तो उसको 2500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि बच्चा बाल देखभाल संस्थान में रह रहा है, तो 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता का लाभ प्राप्त करेगा। उन्होंने बताया कि जिले में जो बच्चे कोरोना महामारी के दौरान एकल अभिभावक या अनाथ हो गए हैं, उनका भी जिला कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर और जिला बाल संरक्षण यूनिट द्वारा सर्वे करवाया गया है, ताकि उन्हें विभाग द्वारा चलाई जा रही स्कीम का लाभ दिया जा सके।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी मुद्दों को जानने के बाद अपने विचार रखे। बैठक के दौरान एक अनाथ बच्चे को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ देने के लिए डिस्ट्रिक्ट अप्रूवल कमेटी द्वारा मीटिंग के दौरान ही स्वीकृति प्रदान की गई। अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों को इस स्कीम को जल्दी लागू करने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का लाभ जिले के हर उस अनाथ बच्चे तक पहुंचाया जा सके जो कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हो गए हैं। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लेबर डिपार्टमेंट, रेडक्रॉस, जिला परिषद, हरियाणा रोडवेज, रेलवे विभाग, बाल कल्याण परिषद व नगर परिषद् के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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इस योजना के अंतर्गत जो बच्चा अनाथ है, उसका पालन-पोषण अपने घर में किया जा रहा है, तो उसको 2500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि बच्चा बाल देखभाल संस्थान में रह रहा है, तो 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता का लाभ प्राप्त करेगा। उन्होंने बताया कि जिले में जो बच्चे कोरोना महामारी के दौरान एकल अभिभावक या अनाथ हो गए हैं, उनका भी जिला कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर और जिला बाल संरक्षण यूनिट द्वारा सर्वे करवाया गया है, ताकि उन्हें विभाग द्वारा चलाई जा रही स्कीम का लाभ दिया जा सके।
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बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी मुद्दों को जानने के बाद अपने विचार रखे। बैठक के दौरान एक अनाथ बच्चे को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ देने के लिए डिस्ट्रिक्ट अप्रूवल कमेटी द्वारा मीटिंग के दौरान ही स्वीकृति प्रदान की गई। अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों को इस स्कीम को जल्दी लागू करने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का लाभ जिले के हर उस अनाथ बच्चे तक पहुंचाया जा सके जो कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हो गए हैं। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लेबर डिपार्टमेंट, रेडक्रॉस, जिला परिषद, हरियाणा रोडवेज, रेलवे विभाग, बाल कल्याण परिषद व नगर परिषद् के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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