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सबसे कम लिंगानुपात वाले गांवों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ज्यादा फोकस करें : उपायुक्त

Fri, 20 Jun 2025 01:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jun 2025 01:17 AM IST
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Health department officials should focus more on villages with the lowest sex ratio: Deputy Commissioner
पंचकूला। डीसी ने पंचकूला जिले में लिंगानुपात बढ़ाने को लेकर सेक्टर -1 जिला सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस गांव में सबसे कम लिंगानुपात है, उन गांवों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ज्यादा फोकस करें। उपायुक्त ने कहा कि जिले में जहां भी अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं वहां पर आरसीएच आईडी गर्भवती महिला की जरूर लें ताकि उस महिला का रिकाॅर्ड रखा जा सके। 20 एमटीपी सेंटरों का हर तीन महीने में निरीक्षण किया जाए।
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उपायुक्त ने डीपीओ और डाॅ अरुणदीप को निर्देश दिए कि जिले में जहां कही भी गर्भपात होने की सूचना हो तो उसके लिए गुप्त सूचना देने के लिए सिविल सचिवालय में एक डिब्बा (पेटी) रखी जाए ताकि समय रहते उसे रोका जा सके। वीरवार को उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने लघु सचिवालय के सभागार में लिंगानुपात को लेकर पीसी और पीएनडीटी के लिए गठित जिला टास्क फोर्स कमेटी की आयोजित बैठक की अध्यक्षता की तथा संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए।
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उपायुक्त ने कहा कि जिले में लिंगानुपात को बेहतर बनाने के लिए लिंग जांच, एमटीपी किट अभियान चलाकर अवैध कार्य करने वालों के खिलाफ रेड करके उन्हें चंगुल में लें ताकि जिले में लिंगानुपात को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने जिला प्रोग्राम अधिकारी सविता को निर्देश देते हुए कहा कि जिस गांव में सबसे कम लिंगानुपात है, उन गावों पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि जिस गांव के सरपंच की आंगनबाड़ी ज्यादा अच्छा कार्य करेंगी, उसे प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास अधिकारी सविता नेहरा ने बताया कि एबीएचबी हरियाणा सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत एससी, बीपीएल की पहली लड़की और किसी भी जाति की दूसरी- तीसरी लड़की के नाम पर एलआईसी में 21 हजार रुपये की राशि मिलती है। 18 वर्ष की आयु पर यह राशि लड़की को दी जाती है। इसके लिए फैमिली आईडी में बच्ची का नाम होना आवश्यक है। इस योजना के लिए बच्ची के जन्म तिथि से एक साल के अंदर-अंदर की समय सीमा निर्धारित की गई है। साथ ही माता का आधार कार्ड, जिसमें पति का नाम व पता अपडेट होना आवश्यक है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, एडीए संदीप शर्मा, पीओ वेलफेयर सोनू रानी, एसडीई रजत सैनी, डिप्टी डीईओ सुमन चौधरी, डब्ल्यूसीडी पीओ रायपुररानी रेखा, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरपाल, सेंटर एडमिनिस्ट्रेशन वन स्टाप सेंटर शीनू, डीसीपीओ निधि मलिक, सहायक डीपीओ रविंद्र सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति लोग मौजूद रहे।
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