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बिना डॉक्टरी सलाह के लिया कफ सिरप तो सुधरने की बजाय और बिगड़ जाएगी सेहत

Tue, 05 Oct 2021 12:39 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:39 AM IST
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Health, chandigarh, Taking cough syrup, without consultation, can be dangerous, doctor
चंडीगढ़। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं। बच्चों को खांसी होने पर अभिभावक बिना डॉक्टरी सलाह के कफ सिरप दे रहे हैं। इससे उनकी खांसी कम होने की बजाय और बढ़ रही है। बिना डॉक्टर की सलाह खांसी की दवा मर्ज बढ़ा रही है।
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पीजीआई एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण बंसल का कहना है कि खांसी के अलग-अलग प्रकार होते हैं। उनके मुताबिक सिरप या दवा भी तय है। किसी भी खांसी के लिए कोई सिरप देना घातक हो सकता है। हल्की खांसी में दी गई दवा बच्चे को निमोनिया, एलर्जी, अस्थमा जैसी अन्य गंभीर बीमारी दे सकती है। यह मानक बच्चों केसाथ बड़ों के लिए भी लागू होते हैं।
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मल्टी कॉम्बीनेशन सेहत के लिए घातक
भारतीय बाल अकादमी की कोषाध्यक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि सिंगल कॉम्बीनेशन केकफ सिरप ही लिखे जाते हैं, क्योंकि एक से ज्यादा कॉम्बीनेशन वाले सिरप फायदे से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। उसकेमाध्यम से शरीर में वे तत्व भी पहुंच जाते हैं, जिनकी हमें जरूरत नहीं होती या जो शरीर के लिए खतरनाक होते हैं। कफ सिरप की तरह टॉनिक के मामले में भी सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि बिना डॉक्टर की सलाह लिया गया टॉनिक भी नुकसानदेह हो सकता है। मरीज के शरीर में किस तत्व की कमी है, यह डॉक्टर ही तय कर सकता है। खुद ही मेडिकल स्टोर से ताकत की दवा लेने से सेहत बिगड़ सकती है।
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बढ़ सकता है मर्ज
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रम बेदी का कहना है कि सूखी खांसी में बलगम वाले सिरप से बलगम हो सकता है। ठीक वैसे ही एलर्जी वाली खांसी में सामान्य खांसी की दवा से समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए दवा और उसकी मात्रा डॉक्टर के निर्देशानुसार ही लें। घर में पड़ी सिरप कत्तई प्रयोग न करें। क्योंकि एक बार प्रयोग की गई शीशी ज्यादा दिनों तक खुली रहने पर प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। डॉ. बेदी ने बताया कि कोडीन एक तत्व है, जो लगभग सभी कफ सिरप में होता है। इसका ज्यादा सेवन याददाश्त को कम कर देता है ।

खांसी केप्रकार
गले की खांसी, सूखी खांसी, बलगम वाली खांसी, जकड़न वाली खांसी, एलर्जी वाली खांसी, अस्थमा और निमोनिया की खांसी।
सिरप की बजाय दें काढ़ा
आयुष के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कपिला का कहना है कि अगर खांसी मामूली है तो उसके लिए कफ सिरप की बजाय काढ़ा तैयार कर बच्चे को दें या खुद भी लें। अदरक, तुलसी, काली मिर्च, शहद ये सब खांसी के रामबाण इलाज हैं। नींबू, शहद के सेवन से भी खांसी में आराम मिलता है।
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