{"_id":"636ac141f91a0b589a7eaa64","slug":"haryana-government-should-respond-to-the-demand-for-appointment-of-boxer-manoj-as-dsp-high-court-panchkula-news-pkl4677136144","type":"story","status":"publish","title_hn":"बॉक्सर मनोज कुमार की मांग पर जवाब दे हरियाणा सरकार: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बॉक्सर मनोज कुमार की मांग पर जवाब दे हरियाणा सरकार: हाईकोर्ट
विज्ञापन
चंडीगढ़। कैथल निवासी अर्जुन अवॉर्डी और कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक विजेता बॉक्सर मनोज कुमार की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को 9 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
मनोज कुमार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि हरियाणा सरकार ने उसके साथ भेदभाव करते हुए खेल कोटे से डीएसपी के तौर पर नियुक्ति न देते हुए इंस्पेक्टर बनाने की पेशकश की थी। याची ने कहा कि उसने कई मंचों पर अवॉर्ड व पदक पाकर देश का नाम रोशन किया है। उनके नाम पर अर्जुन अवॉर्ड है। वे 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल भी पा चुके हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि खेल नीति के तहत उन्हें डीएसपी का पद दिया जाना चाहिए था क्योंकि वे ग्रेजुएट हैं जबकि उन्हें इंस्पेक्टर का पद ऑफर किया गया। याचिका में बताया गया कि उनसे पूर्व ममता सौदा, जोगिंदर शर्मा, जितेंद्र कुमार, संदीप सिंह, सुरेंद्र कौर, सरदार सिंह, गीता जाखड़ आदि को डीएसपी बनाया गया है। याची ने कहा कि यदि उनको डीएसपी नहीं बनाया जाता है तो यह उनके साथ अन्याय होगा।
हाईकोर्ट ने कहा था- 12वीं पास को डीएसपी तो ग्रेजुएट को इंस्पेक्टर की नौकरी दी जा रही, ऐसा भेदभाव क्यों
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद टिप्पणी करते हुए कहा था कि देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी हक के लिए अदालतों के चक्कर लगाने को मजबूर क्यों हैं और आखिर क्यों खिलाड़ियों को नौकरी देते हुए भेदभाव हो रहा है। 12वीं पास को डीएसपी तो ग्रेजुएट को इंस्पेक्टर की नौकरी क्यों दी जा रही है। क्या खेल नीति में कोई मानक तय नहीं दिए गए हैं। इस पर हरियाणा सरकार को जवाब देना था। कोरोना के चलते लंबे समय से इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनोज कुमार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि हरियाणा सरकार ने उसके साथ भेदभाव करते हुए खेल कोटे से डीएसपी के तौर पर नियुक्ति न देते हुए इंस्पेक्टर बनाने की पेशकश की थी। याची ने कहा कि उसने कई मंचों पर अवॉर्ड व पदक पाकर देश का नाम रोशन किया है। उनके नाम पर अर्जुन अवॉर्ड है। वे 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल भी पा चुके हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि खेल नीति के तहत उन्हें डीएसपी का पद दिया जाना चाहिए था क्योंकि वे ग्रेजुएट हैं जबकि उन्हें इंस्पेक्टर का पद ऑफर किया गया। याचिका में बताया गया कि उनसे पूर्व ममता सौदा, जोगिंदर शर्मा, जितेंद्र कुमार, संदीप सिंह, सुरेंद्र कौर, सरदार सिंह, गीता जाखड़ आदि को डीएसपी बनाया गया है। याची ने कहा कि यदि उनको डीएसपी नहीं बनाया जाता है तो यह उनके साथ अन्याय होगा।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा था- 12वीं पास को डीएसपी तो ग्रेजुएट को इंस्पेक्टर की नौकरी दी जा रही, ऐसा भेदभाव क्यों
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद टिप्पणी करते हुए कहा था कि देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी हक के लिए अदालतों के चक्कर लगाने को मजबूर क्यों हैं और आखिर क्यों खिलाड़ियों को नौकरी देते हुए भेदभाव हो रहा है। 12वीं पास को डीएसपी तो ग्रेजुएट को इंस्पेक्टर की नौकरी क्यों दी जा रही है। क्या खेल नीति में कोई मानक तय नहीं दिए गए हैं। इस पर हरियाणा सरकार को जवाब देना था। कोरोना के चलते लंबे समय से इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन