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हेमसा के सदस्य आठ जनवरी को अपनी अनदेखी पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे
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पंचकूला। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ की कोर कमेटी ने संयुक्त निदेशक प्रशासन सतिंद्र सिवाच से मिलकर मांगों का ज्ञापन व हड़ताल का नोटिस दिया। इसका नेतृत्व राज्य प्रधान शर्मिला हुड्डा ने किया। केंद्र और राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और मांगो की अनदेखी के विरोध में हेमसा ने 8 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
हेमसा ने सेक्टर-5 स्थित शिक्षा सदन में अपनी मांगों को रखा। साथ ही संयुक्त निदेशक प्रशासन के व्यवहार की कडे़ शब्दों में निंदा की है। हेमसा के महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि केंद्र व प्रदेश की सरकार शिक्षा सहित सभी सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण की ओर लगातार बढ़ रही है।पेपरलेस के नाम पर मिनिस्ट्रियल स्टाफ के कैडर को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। पारदर्शिता के नाम पर ऑन लाइन प्रक्रिया की आड़ में लूट मची हुई है। प्रदेश में विभाग के सिर्फ मंत्री बदले है कार्यप्रणाली नहीं।
संयुक्त निदेशक प्रशासन द्वारा हेमसा प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मानजनक व्यवहार न करने पर रोष स्वरूप 24 दिसंबर को शिक्षा सदन में विरोध दर्ज करवाया जाएगा। महासचिव ने बताया कि शिक्षा सदन ने एक साल देरी से जारी की गई डिप्टी सुपरिटेंडेंट की प्रमोशन लिस्ट में कुछ पदों पर जानबूझ कर परेशानी खड़ी कर रही है। 20 कर्मचारियों को प्रमोशन से वंचित कर दिया गया वहीं प्रमोट कर्मचारियों को स्टेशन अलॉट करने में वरिष्ठता को ताक पर रख दिया गया है। महिला कर्मियों की पोस्टिंग भी दूर दराज के इलाके में कर उन्हें प्रताड़ित किया गया है। कोर कमेटी में शर्मिला हुड्डा, सतीश सेठी, संदीप सांगवान, कमलजीत बतुआ, रमेश कंबोज, सर्वजीत सिंह शामिल थे।
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हेमसा ने सेक्टर-5 स्थित शिक्षा सदन में अपनी मांगों को रखा। साथ ही संयुक्त निदेशक प्रशासन के व्यवहार की कडे़ शब्दों में निंदा की है। हेमसा के महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि केंद्र व प्रदेश की सरकार शिक्षा सहित सभी सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण की ओर लगातार बढ़ रही है।पेपरलेस के नाम पर मिनिस्ट्रियल स्टाफ के कैडर को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। पारदर्शिता के नाम पर ऑन लाइन प्रक्रिया की आड़ में लूट मची हुई है। प्रदेश में विभाग के सिर्फ मंत्री बदले है कार्यप्रणाली नहीं।
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संयुक्त निदेशक प्रशासन द्वारा हेमसा प्रतिनिधिमंडल के साथ सम्मानजनक व्यवहार न करने पर रोष स्वरूप 24 दिसंबर को शिक्षा सदन में विरोध दर्ज करवाया जाएगा। महासचिव ने बताया कि शिक्षा सदन ने एक साल देरी से जारी की गई डिप्टी सुपरिटेंडेंट की प्रमोशन लिस्ट में कुछ पदों पर जानबूझ कर परेशानी खड़ी कर रही है। 20 कर्मचारियों को प्रमोशन से वंचित कर दिया गया वहीं प्रमोट कर्मचारियों को स्टेशन अलॉट करने में वरिष्ठता को ताक पर रख दिया गया है। महिला कर्मियों की पोस्टिंग भी दूर दराज के इलाके में कर उन्हें प्रताड़ित किया गया है। कोर कमेटी में शर्मिला हुड्डा, सतीश सेठी, संदीप सांगवान, कमलजीत बतुआ, रमेश कंबोज, सर्वजीत सिंह शामिल थे।
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