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पीजीआई जाने से पहले जरूर कर लें ये जानकारी, वरना उठानी पड़ सकती है परेशानी
Sun, 08 Dec 2019 02:49 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 02:49 PM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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पीजीआई में विंटर वेकेशन शुरू हो गया है। छह जनवरी तक पीजीआई के आधे डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। पीजीआई ने इस संबंध में रोस्टर भी जारी कर दिया है। रोस्टर के मुताबिक आधे डॉक्टर 21 दिसंबर तक और आधे सात जनवरी तक छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में मरीजों को दिक्कत आ सकती है।
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ओपीडी में जाने से पहले यह जरूर जान लें कि जिन डॉक्टरों के पास जा रहे हैं, कहीं वे छुट्टी पर तो नहीं है। हालांकि, पीजीआई ने दावा किया है कि इससे इलाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। छुट्टी इस प्रकार दी जाती है, जिससे इलाज व सर्जरी के काम में कोई रुकावट न आए। हर विभाग में कम से कम 50 पर्सेंट डॉक्टर जरूर होंगे।
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पीजीआई प्रशासन ने विंटर वेकेशन के लिए दो पार्ट में छुट्टी देने की योजना बनाई है। पहले चरण में सात से 21 दिसंबर और दूसरे चरण में 23 दिसंबर से छह जनवरी तक छुट्टी रहेगी। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि छुट्टी से पहले डिपार्टमेंट हेड व यूनिट हेड को सुनिश्चित करना था कि छुट्टी के वक्त फैकल्टी सदस्यों की संख्या 50 पर्सेंट से कम नहीं होनी चाहिए। हालांकि, कई डॉक्टर दोनों ही चरण में छुट्टी पर रहेंगे।
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इस दौरान सारा भार संस्थान के जूनियर व सीनियर रेजिडेंट्स पर रहता है। वहीं, ओपीडी का कामकाज संभालते हैं। पीजीआई साल में दो बार डॉक्टरों को छुट्टी देता है। एक गर्मी और दूसरी सर्दी की। गर्मी में डॉक्टर पूरे एक महीने छुट्टी पर रहते हैं, जबकि सर्दी में सिर्फ 15 दिन।
हालांकि, छुट्टियों से मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। सर्जरी और ओपीडी में पहले से काफी भीड़ होती है। सर्जरी के लिए लंबा इंतजार है। लंबी वेटिंग लिस्ट होती है। छुट्टी होने के कारण यह लिस्ट और बढ़ जाती है। मरीजों को तारीख पर तारीख मिलती रहती है। दूसरी ओर, स्पेशल क्लीनिक में दिखाने वाले मरीजों की भी परेशानी बढ़ती है। वे जब नहीं मिलते तो नए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। उन्हें फिर से सारी बातें बतानी होती हैं। कई बार डॉक्टर मरीज को देखते नहीं है।