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बुरी खबरः लॉकडाउन में हरियाणा के अतिथि शिक्षकों के वेतन पर छाया संकट, अधूरा डाटा बना वजह
Mon, 25 May 2020 11:48 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2020 11:48 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने लॉकडाउन के बावजूद जरूरी कार्य सिरे चढ़ाने का खाका खींच लिया है। विभाग के एसीएस महावीर सिंह ने 22 मई को डीईईओ की वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। जिन गेस्ट टीचर्स का डाटा अभी एचआरएमएस (मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) पर अपलोड नहीं हो पाया है, उनका वेतन नहीं निकलेगा।
डीडीओ के गेस्ट टीचर्स का डाटा प्रणाली पर अपलोड होने की सूचना देने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग सवा तेरह हजार गेस्ट टीचर्स कार्यरत हैं। जिनमें से कई का डाटा लॉकडाउन के कारण एचआरएमएस पर अपलोड नहीं हो पाया था। स्कूलों के प्रशासनिक कार्यालय खुलने पर अब यह काम जल्दी पूरा होने की उम्मीद है।
सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत जो प्रवासी बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पलायन कर गए हैं, उनका मिड डे मील वितरित नहीं किया जाएगा। उनकी राशन सामग्री व कुकिंग लागत डीईईओ कार्यालयों में सुरक्षित रहेगी। प्रवासी बच्चों के लौटने पर ही मिड डे मील वितरण शुरू होगा। एसीएस ने सभी डीईईओ से स्कूल छोड़कर गए प्रवासी बच्चों की सूची निदेशालय को मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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सभी डीईईओ अपने-अपने जिले में 25 या 25 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का भौतिक निरीक्षण कराकर वास्तविक रिपोर्ट निदेशालय को भेजेंगे। खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में कम छात्र संख्या का कारण, उसके लिए उत्तरदायी कौन व पास के किस स्कूल में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया जा सकता है, ये भी बताना होगा। उनकी रिपोर्ट को डीईईओ निदेशालय भेजेंगे, जिस पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। एसीएस ने सभी शिक्षकों की सर्विस बुक भी ऑनलाइन करने को कहा है।
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डीडीओ के गेस्ट टीचर्स का डाटा प्रणाली पर अपलोड होने की सूचना देने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग सवा तेरह हजार गेस्ट टीचर्स कार्यरत हैं। जिनमें से कई का डाटा लॉकडाउन के कारण एचआरएमएस पर अपलोड नहीं हो पाया था। स्कूलों के प्रशासनिक कार्यालय खुलने पर अब यह काम जल्दी पूरा होने की उम्मीद है।
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सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत जो प्रवासी बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पलायन कर गए हैं, उनका मिड डे मील वितरित नहीं किया जाएगा। उनकी राशन सामग्री व कुकिंग लागत डीईईओ कार्यालयों में सुरक्षित रहेगी। प्रवासी बच्चों के लौटने पर ही मिड डे मील वितरण शुरू होगा। एसीएस ने सभी डीईईओ से स्कूल छोड़कर गए प्रवासी बच्चों की सूची निदेशालय को मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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सभी डीईईओ अपने-अपने जिले में 25 या 25 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का भौतिक निरीक्षण कराकर वास्तविक रिपोर्ट निदेशालय को भेजेंगे। खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में कम छात्र संख्या का कारण, उसके लिए उत्तरदायी कौन व पास के किस स्कूल में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज किया जा सकता है, ये भी बताना होगा। उनकी रिपोर्ट को डीईईओ निदेशालय भेजेंगे, जिस पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। एसीएस ने सभी शिक्षकों की सर्विस बुक भी ऑनलाइन करने को कहा है।