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साल भर से गुरुग्रंथ साहिब को बनाया ढाल, क्यों सो रहे यूटी प्रशासन व पंजाब सरकार: हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। सिख कैदियों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा के लगाए गए धरने को हटाने में नाकाम रहने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि साल भर से प्रदर्शनकारी गुरुग्रंथ साहिब को ढाल बनाए हुए हैं। डीजीपी को बुलाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह फसल कटाई का समय है, यह जानते हुए भी प्रदर्शनकारियों की कम संख्या होने के बावजूद उन्हें हटाने की कार्रवाई में दोनों कदम पीछे खींच रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि 18 अप्रैल तक प्रदर्शन नहीं हटा तो हमारे बेहद सख्त आदेश के लिए सरकार तैयार रहे।
अराइव सेफ सोसायटी की ओर से एडवोकेट रवि कमल गुप्ता के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को हटाने की मांग की गई थी। याचिका में बताया गया था कि प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़-मोहाली मार्ग को बाधित किया है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गत वर्ष फरवरी में यह प्रदर्शन शुरू हुआ था और मार्च में याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि गत वर्ष ही प्रदर्शनकारियों ने श्री गुरुग्रंथ साहिब को ढाल बनाया था और तब हमने पंजाब के डीजीपी को तलब किया था। कोर्ट को विश्वास दिलाया गया था कि जल्द समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। एक साल से अधिक समय होने के बावजूद सड़क बाधित है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार धर्म को ढाल बना इसका दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने से पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को कौन रोक रहा है। सभी जानते हैं कि यह कटाई का समय है और बेहद कम प्रदर्शनकारी मौके पर हैं। बावजूद इसके पता नहीं क्यों दोनों इन्हें हटाने को लेकर अपने पैर खींच रहे हैं।
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अराइव सेफ सोसायटी की ओर से एडवोकेट रवि कमल गुप्ता के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को हटाने की मांग की गई थी। याचिका में बताया गया था कि प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़-मोहाली मार्ग को बाधित किया है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गत वर्ष फरवरी में यह प्रदर्शन शुरू हुआ था और मार्च में याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि गत वर्ष ही प्रदर्शनकारियों ने श्री गुरुग्रंथ साहिब को ढाल बनाया था और तब हमने पंजाब के डीजीपी को तलब किया था। कोर्ट को विश्वास दिलाया गया था कि जल्द समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। एक साल से अधिक समय होने के बावजूद सड़क बाधित है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार धर्म को ढाल बना इसका दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने से पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को कौन रोक रहा है। सभी जानते हैं कि यह कटाई का समय है और बेहद कम प्रदर्शनकारी मौके पर हैं। बावजूद इसके पता नहीं क्यों दोनों इन्हें हटाने को लेकर अपने पैर खींच रहे हैं।
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