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Panchkula News: एनडीपीएस मामलों में सरकारी गवाह नहीं हो रहे पेश, पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार

Sat, 08 Jun 2024 05:08 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2024 05:08 AM IST
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Government witnesses are not appearing in NDPS cases, High Court reprimands Punjab government
चंडीगढ़। पाकिस्तान की सीमा से सटा पंजाब संवेदनशील राज्य है। पड़ोसी देश से आ रहा नशा जंगल की आग की तरह फैल रहा है और ऐसे में पंजाब पुलिस के गवाहों का नशा तस्करी के मामलों में गवाही के लिए आगे न आना उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के मामले में पुलिस वालों की गवाही में देरी के चलते आरोपियों को मिली जमानत के बढ़ते मामलों को लेकर यह टिप्पणी की है। हाईकोर्ट के समक्ष लगातार ऐसे मामले पहुंच रहे हैं, जहां पुलिस अधिकारी जो केस में गवाह होते हैं गवाही के लिए नहीं पहुंच रहे, जिसके चलते आरोपियों को जमानत मिल रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब में नशीली दवाओं के खतरे को याद दिलाने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या पर हाईकोर्ट के सख्त रवैये के बाद डीजीपी ने विश्वास दिलाया था कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के रूप में पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन वे विफल रहे। अब भविष्य में अनुपालन में विफलता पर माफी और विश्वास दिलाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
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इससे पहले डीजीपी को जब तलब किया गया था तो उन्होंने विश्वास दिलाया था कि अभियोजन पक्ष के गवाह संबंधित न्यायालय के समक्ष ऐसे मामलों में कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित होंगे और अपने साक्ष्य शीघ्र दर्ज करवाएंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि डीजीपी बार-बार माफी मांगने के बजाय प्रभावी उपचारात्मक उपाय लागू करें। कोर्ट ने सरकार को अगली सुनवाई पर इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट देने का भी आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट ने पुलिस पर उठाए थे सवाल
हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि केवल मामला दर्ज करने से एनडीपीएस मामलों से नहीं निपटा जा सकता। दोषी को समय पर सजा हो और बेकसूर बाहर निकले इसके लिए समय पर केस का निपटारा होना जरूरी है, लेकिन पुलिस के नकारात्मक रवैये के कारण केस कई साल तक चलते रहते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारी आरोपियों के साथ सांठगांठ करते हैं और गवाही देने नहीं आते ताकि उन्हें जमानत मिल सके।
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हाईकोर्ट में सरकार ने दिया था जवाब

पंजाब सरकार ने बताया था कि एनडीपीएस मामलों में आरोपी अपराधियों को शरण देने/सहायता करने के किसी भी कार्य में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी को बर्खास्त कर दिया जाएगा। कोई भी पुलिस अधिकारी गवाह के रूप में एक से अधिक स्थगन की मांग नहीं करेगा। डीएसपी जमानती/गैर-जमानती वारंट के माध्यम से बुलाए गए गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
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