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डेंगू की रोकथाम के लिए सरकार ने बनाया एक्शन प्लान
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चंडीगढ़। पंजाब में रोजाना बढ़ रहे डेंगू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सरकार ने डेंगू की रोकथाम के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत स्वास्थ्य मंत्री सभी अस्पतालों के सिविल सर्जनों की खुद मॉनिटरिंग करेंगे। अस्पतालों में स्पेशल डेंगू वार्ड और लैब स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें डेंगू के मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।
डेंगू से बचाव के लिए सरकार ने सभी जिलों में उपायुक्तों की निगरानी में गठित टास्क फोर्स को मामलों की मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं। पिछले साल 9 नवंबर तक डेंगू के 19,579 मामले सामने आए थे, जिसके मुकाबले में इस साल अभी तक 7,089 केस मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने फॉगिंग के अलावा लोगों को डेंगू के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया है। जौड़ामाजरा ने शुक्रवार को लोगों से अपील की कि वे पूरी सावधानी और जागरूकता से डेंगू के लारवे की ब्रीडिंग को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करें और घरों, दफ्तरों, खुले स्थानों और गलियों में पानी इकट्ठा न होने दें।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार डेंगू के बढ़ रहे मामलों के विरुद्ध पहले ही ठोस कदम उठा रही है और प्रभावशाली ढंग से डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी टेस्ट करने के साथ-साथ तुरंत इलाज सुनिश्चित बनाने के लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सिविल सर्जनों को डेंगू वार्ड स्थापित करने, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग गतिविधियां तेज करने के लिए पहले ही हिदायतें जारी कर दी गई हैं। वह स्वयं भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत विभाग और स्थानीय सरकार विभाग के सहयोग से गांवों और शहरों में डेंगू प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर डेंगू की रोकथाम के लिए तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं।
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अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी में डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी इसको लेकर सार्वजनिक घोषणाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों की तरफ और ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। तेज बुखार के साथ सरदर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द और पीठ में ऐंठन, शरीर पर लाल धब्बे होने की स्थिति में व्यक्ति को स्वयं डेंगू का टेस्ट करवाना चाहिए।
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डेंगू से बचाव के लिए सरकार ने सभी जिलों में उपायुक्तों की निगरानी में गठित टास्क फोर्स को मामलों की मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं। पिछले साल 9 नवंबर तक डेंगू के 19,579 मामले सामने आए थे, जिसके मुकाबले में इस साल अभी तक 7,089 केस मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने फॉगिंग के अलावा लोगों को डेंगू के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया है। जौड़ामाजरा ने शुक्रवार को लोगों से अपील की कि वे पूरी सावधानी और जागरूकता से डेंगू के लारवे की ब्रीडिंग को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करें और घरों, दफ्तरों, खुले स्थानों और गलियों में पानी इकट्ठा न होने दें।
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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार डेंगू के बढ़ रहे मामलों के विरुद्ध पहले ही ठोस कदम उठा रही है और प्रभावशाली ढंग से डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी टेस्ट करने के साथ-साथ तुरंत इलाज सुनिश्चित बनाने के लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सिविल सर्जनों को डेंगू वार्ड स्थापित करने, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग गतिविधियां तेज करने के लिए पहले ही हिदायतें जारी कर दी गई हैं। वह स्वयं भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत विभाग और स्थानीय सरकार विभाग के सहयोग से गांवों और शहरों में डेंगू प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर डेंगू की रोकथाम के लिए तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं।
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अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी में डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी इसको लेकर सार्वजनिक घोषणाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों की तरफ और ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। तेज बुखार के साथ सरदर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द और पीठ में ऐंठन, शरीर पर लाल धब्बे होने की स्थिति में व्यक्ति को स्वयं डेंगू का टेस्ट करवाना चाहिए।