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अच्छी खबर: पंजाब के 6.3 प्रतिशत लोगों ने तंबाकू से की तौबा
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पंजाब अब जीरो तंबाकू प्रयोग की राह की ओर अग्रसर हो रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है कि राज्य के 6.3 प्रतिशत लोगों ने तंबाकू से तौबा कर ली है। 5 साल पहले 19.2 प्रतिशत लोग तंबाकू का प्रयोग करते थे, अब यह घटकर 12.9 प्रतिशत पर पहुंच गया है। उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी ने बताया कि तंबाकू के प्रयोग से बालिगों में मौत दर का बड़ा कारण बना हुआ है। खासकर भारत जैसे देशों में, जहां तंबाकू से संबंधित बीमारियों और मौतों की दर बहुत ज्यादा है। भारत में हर साल 10 लाख से अधिक बालिग तंबाकू के प्रयोग के कारण मरते हैं, जो कुल मौतों का 9.5 प्रतिशत बनता है। पंजाब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तंबाकू के प्रयोग की कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए किए जा रहे प्रयास सार्थक सिद्ध हो रहे हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी किये गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के ताजा आंकड़ों के अनुसार पंजाब में तंबाकू का प्रयोग अब देश के सभी राज्यों की अपेक्षा सबसे कम है। पंजाब में 15 साल या इससे अधिक उम्र के पुरुषों में तंबाकू का प्रयोग पिछले पांच वर्षों में 19.2 प्रतिशत से घटकर 12.9 प्रतिशत रह गया है। साथ ही पंजाब में 15 साल से अधिक उम्र की महिलाएं सिर्फ 0.6 फीसदी तंबाकू का प्रयोग करती हैं, जिससे पंजाब देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शिखर पर है।
कोटपा: 5541 का हुआ चालान
उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने राज्य तंबाकू कंट्रोल सेल, पंजाब को इस ऐतिहासिक प्राप्ति के लिए बधाई दी है। उन्होंने बताया कि 10 माह में कोटपा-2003 के तहत कुल 5541 चालान किए गए हैं। सभी जिलों में तंबाकू मुक्ति केंद्र स्थापित किये गए हैं। इन केंद्रों में मरीजों को तंबाकू छोड़ने के लिए मुफ्त काउंसलिंग और बुपरोपियन, निकोटीन गम और पैचेस जैसी दवाएं दी जा रही हैं।
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तंबाकू के प्रयोग से कोरोना का खतरा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के डायरेक्टर डा. अंदेश कंग ने तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे बताते हुए कहा कि इससे कई तरह की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य होते हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि तंबाकू का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को नोवल कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा हो सकता है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी किये गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के ताजा आंकड़ों के अनुसार पंजाब में तंबाकू का प्रयोग अब देश के सभी राज्यों की अपेक्षा सबसे कम है। पंजाब में 15 साल या इससे अधिक उम्र के पुरुषों में तंबाकू का प्रयोग पिछले पांच वर्षों में 19.2 प्रतिशत से घटकर 12.9 प्रतिशत रह गया है। साथ ही पंजाब में 15 साल से अधिक उम्र की महिलाएं सिर्फ 0.6 फीसदी तंबाकू का प्रयोग करती हैं, जिससे पंजाब देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शिखर पर है।
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कोटपा: 5541 का हुआ चालान
उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने राज्य तंबाकू कंट्रोल सेल, पंजाब को इस ऐतिहासिक प्राप्ति के लिए बधाई दी है। उन्होंने बताया कि 10 माह में कोटपा-2003 के तहत कुल 5541 चालान किए गए हैं। सभी जिलों में तंबाकू मुक्ति केंद्र स्थापित किये गए हैं। इन केंद्रों में मरीजों को तंबाकू छोड़ने के लिए मुफ्त काउंसलिंग और बुपरोपियन, निकोटीन गम और पैचेस जैसी दवाएं दी जा रही हैं।
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तंबाकू के प्रयोग से कोरोना का खतरा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के डायरेक्टर डा. अंदेश कंग ने तंबाकू के बुरे प्रभावों के बारे बताते हुए कहा कि इससे कई तरह की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य होते हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि तंबाकू का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को नोवल कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा हो सकता है।